मदुरै: दक्षिण अफ्रीका में जन्मीं कानून विशेषज्ञ और UN की मानवाधिकार प्रमुख रह चुकीं नवनेथम 'नवी' पिल्लई, जिन्हें 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला है, की जड़ें डिंडीगुल ज़िले के वथलागुंडु से जुड़ी हैं। यह जानकारी उनकी जीवनी और BJP नेता व वकील के.एस. राधाकृष्णन द्वारा बताई गई बातों से मिलती है।

सैम नायडू की जीवनी, 'नवी पिल्लई: रियलाइज़िंग ह्यूमन राइट्स फॉर ऑल' (Navi Pillay: Realising Human Rights for All), में उनके पिता के परिवार की जड़ों का पता इसी शहर से लगाया गया है। राधाकृष्णन ने TNIE को बताया कि पिल्लई ने खुद 2012 में जिनेवा में मानवाधिकारों पर एक कॉन्फ्रेंस के दौरान इस संबंध का ज़िक्र किया था।

"मुझे वे एक मज़बूत और आत्मविश्वास से भरी महिला लगीं। मानवाधिकारों के लिए उनका जुनून असाधारण था। वे ऐसे परिवार से आती हैं जिनकी जड़ें वथलागुंडु में हैं; यह सिलसिला उनके दादाजी के दक्षिण अफ्रीका जाने से शुरू हुआ था। 

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