तमिलनाडु राजनीति में नया विवाद, TVK को लेकर DMK और कांग्रेस में बढ़ी खटास
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच सियासी तनाव और तेज हो गया है। राज्य की प्रमुख द्रविड़ पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे “पीठ में छुरा घोंपने” वाला कदम बताया है। यह विवाद तब सामने आया जब कांग्रेस द्वारा अभिनेता से नेता बने Vijay के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को समर्थन देने के फैसले पर सहमति जताने की बात सामने आई।
DMK ने कांग्रेस के इस रुख पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इसे गठबंधन राजनीति में विश्वास के खिलाफ बताया है। पार्टी का कहना है कि इस तरह के फैसले गठबंधन की स्थिरता को कमजोर करते हैं और राजनीतिक भरोसे को नुकसान पहुंचाते हैं।
DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह फैसला सिर्फ तात्कालिक राजनीतिक लाभ के लिए लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस कदम से अपने पुराने सहयोगियों की भावनाओं की अनदेखी की है और इससे विपक्षी एकता पर असर पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी 2029 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से हटाने का जो साझा लक्ष्य था, उस पर इस फैसले से सवाल खड़े हो गए हैं। उनके अनुसार, इस तरह के निर्णय विपक्षी गठबंधन की एकजुटता को कमजोर कर सकते हैं।
DMK का यह भी कहना है कि कांग्रेस अब एक “अस्थिर गठबंधन सहयोगी” की तरह व्यवहार कर रही है, जिससे भविष्य में किसी भी बड़े राजनीतिक गठबंधन पर भरोसा करना कठिन हो सकता है। पार्टी ने यह संकेत भी दिया कि ऐसे कदमों से विपक्षी दलों के बीच समन्वय प्रभावित होगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच TVK की भूमिका भी राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। चुनाव के बाद त्रिशंकु जैसी स्थिति में पहुंची तमिलनाडु विधानसभा में TVK को संभावित समर्थन और गठबंधन विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीति और अधिक जटिल हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के इस कथित समर्थन रुख से DMK और कांग्रेस के बीच लंबे समय से चला आ रहा सहयोग तनावपूर्ण हो सकता है। वहीं TVK के उभरते प्रभाव ने तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं।
फिलहाल इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह विवाद तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर और स्पष्ट स्थिति सामने आने की संभावना है, जिससे तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा पर असर पड़ सकता है।