चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने सोमवार को एक दिवंगत पूर्व मंत्री के परिवार के सदस्यों की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (criminal revision petition) खारिज कर दी। उन्होंने आय से अधिक संपत्ति के मामले में अपनी दोषसिद्धि और सजा को रद्द करने की मांग की थी।
जस्टिस जी.के. इलंथिरायण ने याचिका खारिज करते हुए प्रिंसिपल सेशंस और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के 4 अक्टूबर, 2023 के फैसले को बरकरार रखा। इस फैसले में दिवंगत पूर्व मंत्री बी.एम. सेनगुट्टुवन के बेटों एस. पन्नीरसेल्वम, एस. शक्तिवेल, बेटी आर. मीनाक्षी और भतीजी पी. वल्ली को आय से अधिक संपत्ति जमा करने में मदद करने के लिए तीन साल की कठोर कैद और 2,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
सेनगुट्टुवन ने 1996-2001 में DMK सरकार के दौरान पशुपालन मंत्री के रूप में काम किया था और बाद में AIADMK में शामिल हो गए थे। DVAC ने आरोपियों के खिलाफ 81.42 करोड़ रुपये की संपत्ति और आर्थिक संसाधन जमा करने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सेनगुट्टुवन का निधन हो गया था।