मदुरै: मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी (MKU) में काम करने वाले एक सुपरिटेंडेंट के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत पर कार्रवाई न करने के लिए डायरेक्टरेट ऑफ़ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) की आलोचना करते हुए, मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने बुधवार को आरोपों की CBI जांच का आदेश दिया।

जस्टिस जी जयचंद्रन और केके रामकृष्णन की बेंच ने यह आदेश शिकायतकर्ता जी वेंकटेशन की PIL पर दिया, जिसमें सुपरिटेंडेंट (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट), एसवी गोमती के खिलाफ उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष और समय पर जांच के लिए एक स्पेशल ऑफिसर या कमेटी नियुक्त करने की मांग की गई थी।

वेंकटेशन ने अपनी याचिका में कहा कि गोमती ने सर्टिफिकेट जारी करने, गैरकानूनी कॉलेज एडमिशन और अपॉइंटमेंट को संभव बनाने, यूनिवर्सिटी के अंदरूनी डॉक्यूमेंट्स लीक करने वगैरह के लिए गैर-कानूनी रिश्वत लेकर अपनी इनकम से ज़्यादा कई अचल प्रॉपर्टीज़ बनाई हैं।


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