Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष के.एस. अलागिरी ने राज्य की राजनीति और हालिया चुनाव परिणामों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि लगभग 30 वर्षों के बाद इस बार चुनावों में पैसे की ताकत यानी ‘मनी पावर’ का प्रभाव काफी हद तक खत्म हो गया है, जिससे लोकतंत्र और ज्यादा मजबूत हुआ है।
के.एस. अलागिरी ने कहा कि इस बार के चुनाव में कई उम्मीदवार ऐसे भी जीते हैं जिन्होंने चुनाव प्रचार में भारी-भरकम खर्च नहीं किया। उनके अनुसार, यह एक ऐतिहासिक बदलाव है क्योंकि लंबे समय से तमिलनाडु की राजनीति में पैसे और संसाधनों का अत्यधिक प्रभाव देखा जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार मतदाताओं ने विकास, मुद्दों और उम्मीदवार की छवि को प्राथमिकता दी है, न कि पैसों के बल पर किए गए प्रचार को।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का फैसला होता है और जब जनता जागरूक होकर वोट करती है तो पैसे की राजनीति कमजोर पड़ जाती है। अलागिरी ने इसे राज्य की राजनीतिक संस्कृति में सकारात्मक बदलाव बताया और कहा कि यह आने वाले समय में चुनावी सुधारों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राजनीति में पूरी तरह से पैसे का प्रभाव खत्म हो गया है, ऐसा कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन इस चुनाव ने यह जरूर साबित किया है कि जनता अब ज्यादा समझदार हो चुकी है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव आने वाले चुनावों की दिशा तय कर सकता है, खासकर जब मतदाता वर्ग स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों पर अधिक ध्यान दे रहा है।