उत्सव का भव्य जुलूस: अननामलैयार रथ के दर्शन को उमड़ी भक्तों की भीड़

Update: 2025-11-30 19:04 GMT
Tamilnadu तमिलनाडु: तिरुवन्नामलाई में प्रसिद्ध कार्तिगई दीपम महोत्सव के सातवें दिन सोमवार को भगवान अननामलैयार के रथ जुलूस में भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल दिखा और भक्तों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ भगवान शिव के अनामलैयार स्वरूप के दर्शन किए। कार्तिगई दीपम उत्सव तिरुवन्नामलाई के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक आयोजनों में से एक है। यह उत्सव 10 दिनों तक चलता है, जिसमें हर दिन अलग-अलग आध्यात्मिक और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सातवें दिन का रथ महोत्सव (थेप्पोत्सव) विशेष रूप से अत्यधिक महत्व रखता है, और इसी दिन भक्तों की सबसे बड़ी भीड़ उमड़ती है।
रथ जुलूस सुबह मंदिर परिसर से विधिवत पूजा के बाद शुरू हुआ। विशाल लकड़ी के रथ को हजारों भक्तों ने रस्सियों के सहारे खींचा। रथ के आगे-आगे नादस्वरम की धुन और ढोल-नगाड़ों की आवाज गूंजती रही। पूरा मार्ग पारंपरिक कोलम (रंगोली) से सजा हुआ था, और श्रद्धालु जय-जयकार करते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया,
ड्रोन से निगरानी की गई और मेडिकल टीमों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया। नगर प्रशासन ने पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधाएं भी प्रदान कीं, ताकि दर्शन के लिए आए लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कार्तिगई दीपम उत्सव का महत्व तिरुवन्नामलाई के अननामलैयार मंदिर से गहराई से जुड़ा है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने "अग्नि स्तंभ" के रूप में प्रकट होकर अपनी अनंत महिमा का दर्शन कराया था। नौवें दिन प्रसिद्ध ‘महाद्वीपम’ प्रज्ज्वलित किया जाता है, लेकिन सातवें दिन का रथ उत्सव उसकी तैयारियों की भव्यता को और बढ़ा देता है।

भक्तों का कहना था कि आज के रथ जुलूस में शामिल होना उनके लिए आध्यात्मिक सौभाग्य है। कई श्रद्धालु दूर-दराज के जिलों और अन्य राज्यों से भी इस उत्सव को देखने पहुंचे। तिरुवन्नामलाई का यह उत्सव कला, संस्कृति, आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम है, जिसमें हर वर्ष लाखों लोग शामिल होते हैं। इस वर्ष भी भगवान अननामलैयार के रथ जुलूस ने भक्तों के बीच अपार श्रद्धा और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया।
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