कोयंबटूर: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के रखरखाव, भंडारण और परिवहन में बरती जा रही लापरवाही को लेकर एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी महाराष्ट्र और तमिलनाडु सहित कई राज्यों से नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट मिलने के बाद जारी की गई है, जहां अभी विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इसमें बताया गया है कि खोया, पनीर, मांस और मछली जैसी चीजों का परिवहन सही परिस्थितियों और उचित तापमान पर नहीं किया जा रहा है।
प्राधिकरण ने कहा, "जल्दी खराब होने वाली प्रकृति के कारण, इन चीजों में सूक्ष्मजीवों (microbes) के पनपने और खराब होने का खतरा बहुत अधिक होता है, जो खाद्य सुरक्षा और जन स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है।"
अधिकारियों के अनुसार, 'खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम' की अनुसूची 4 के तहत, सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (food business operators) के लिए यह अनिवार्य है कि वे पूरी सप्लाई चेन के दौरान - यानी सामान खरीदने से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक डिलीवरी होने तक - तय तापमान बनाए रखें। इसमें चिलिंग, परिवहन, भंडारण और वितरण के सभी चरण शामिल हैं।
इसे देखते हुए, FSSAI ने जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के निर्माण, पैकिंग, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री से जुड़े सभी संचालकों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
संचालकों से कहा गया है कि वे खाद्य पदार्थों का परिवहन केवल साफ, ढके हुए और स्वच्छ वाहनों में ही करें जो खाद्य पदार्थों के लिए उपयुक्त हों। साथ ही, हर चरण पर तय तापमान बनाए रखें और केवल 'फूड-ग्रेड' (खाद्य पदार्थों के लिए सुरक्षित) पैकेजिंग सामग्री का ही इस्तेमाल करें। एडवाइजरी में विशेष रूप से चेतावनी दी गई है कि उत्पादों को बोरी (gunny bags) या ऐसी किसी अन्य सामग्री में पैक न करें या न ले जाएं जो खाद्य पदार्थों के लिए सुरक्षित नहीं है, क्योंकि इससे सुरक्षा से समझौता होता है।
इसमें आगे कहा गया है कि भंडारण, लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन के दौरान उत्पादों को धूल, नमी, कीड़े-मकोड़ों, किसी भी तरह के नुकसान और 'क्रॉस-कंटामिनेशन' (एक चीज से दूसरी चीज में संक्रमण फैलना) से बचाना जरूरी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संचालकों को अपने सामान (consignments) का उचित रिकॉर्ड और 'ट्रेसेबिलिटी' (सामान कहां से आया और कहां गया, इसका पूरा ब्योरा) रखनी होगी, और अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर इनवॉइस या जरूरी दस्तावेज दिखाने होंगे।