विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन की रणनीति का फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगी: गिरीश चोडंकर
Chennai चेन्नई। तमिलनाडु के प्रभारी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गिरीश चोडंकर ने मंगलवार को कहा कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की रणनीति पर अंतिम फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का नेतृत्व राज्य इकाई से प्राप्त फीडबैक के आधार पर करेगा।
चोडंकर ने चेन्नई स्थित सत्यमूर्ति भवन में आयोजित तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) की कार्यकारी समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अहम चुनावों से पहले पार्टी इस समय संगठनात्मक सुधार और आंतरिक मजबूती पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किए बिना चुनावी सफलता संभव नहीं है, इसलिए पार्टी व्यापक सुधारों के दौर से गुजर रही है।
टीएनसीसी की इस बैठक में कुल 91 नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन इसमें करीब 61 सदस्य ही शामिल हुए। जानकारी के अनुसार, लगभग 30 नेता बैठक से अनुपस्थित रहे, जिनमें पी. चिदंबरम, केएस अलागिरी, ज्योतिमणि और मणिकम टैगोर जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी शामिल हैं। बैठक बंद कमरे में हुई, जहां कुछ मौकों पर तीखी बहस और संक्षिप्त व्यवधान की खबरें भी सामने आईं, जो पार्टी के भीतर मौजूद आंतरिक मतभेदों की ओर इशारा करती हैं।
गिरीश चोडंकर ने इन घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस इस वर्ष कई अहम संगठनात्मक सुधारों को लागू करने की प्रक्रिया में है। इसी के तहत पूरे तमिलनाडु में जिला स्तर के कांग्रेस नेताओं की नियुक्ति की गई है। उन्होंने बताया कि इन जिला अध्यक्षों के प्रदर्शन पर अगले छह महीनों तक कड़ी नजर रखी जाएगी और यदि कोई भी अध्यक्ष निष्क्रिय या अप्रभावी पाया जाता है, तो पार्टी उन्हें बदलने से पीछे नहीं हटेगी। यह व्यवस्था पार्टी में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
उन्होंने चुनावी तैयारी पर कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं और जल्द ही उनके साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन साक्षात्कारों और संगठन से मिली जानकारी के आधार पर उचित समय पर उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में चोडंकर ने कहा कि कांग्रेस द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ आगे बढ़ेगी या नहीं, इस पर राज्यभर के पार्टी नेताओं से राय मांगी गई है। उन्होंने बताया कि नेताओं ने अपनी-अपनी प्राथमिकताएं खुलकर रखी हैं और इन्हीं विचारों के आधार पर एआईसीसी नेतृत्व अंतिम निर्णय लेगा।
चोडंकर ने विश्वास जताया कि यह फैसला पार्टी के दीर्घकालिक राजनीतिक लक्ष्यों के अनुरूप होगा और जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आएंगे, यह निर्णय राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा।