Chennai चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना कराने के निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे "राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित अचानक लिया गया कदम" बताया और कहा कि यह फैसला उस समय लिया गया है जब बिहार चुनावों में सामाजिक न्याय की चर्चा जोरों पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय कोई संयोग नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो नेता पहले विपक्ष पर जाति के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाते थे, वही अब उसी मांग के आगे झुक गए हैं, जिसका पहले विरोध करते थे।
स्टालिन पहले से ही सामाजिक न्याय और समावेशी नीति के पक्षधर रहे हैं, और उन्होंने बार-बार केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं, खासकर जब वे सामाजिक संरचना को प्रभावित करती हैं।