Chennai.चेन्नई: चेन्नई के NSC बोस रोड इलाके में फुटपाथों पर लगाए गए बैनरों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। पैदल यात्रियों का कहना है कि फुटपाथ पर लगे ये बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड और बैनर उनके चलने के रास्ते को बाधित कर रहे हैं, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही मुश्किल हो गई है।
यह सड़क शहर के व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों में से एक मानी जाती है, जहां दिनभर भारी ट्रैफिक और पैदल यात्रियों की भीड़ रहती है। ऐसे में फुटपाथों पर बैनर और होर्डिंग्स लगाए जाने से न केवल जगह कम हो गई है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
चेन्नई के स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई जगह फुटपाथ पूरी तरह से घेर लिए गए हैं, जिससे लोगों को मुख्य सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह स्थिति खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए जोखिम भरी हो गई है।
कुछ लोगों ने नगर प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के बैनरों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि इससे शहर की व्यवस्था और सौंदर्य दोनों प्रभावित होते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में फुटपाथ पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं, और यदि उन पर अवैध कब्जा हो जाए तो यह यातायात व्यवस्था के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।
चेन्नई नगर निगम से जुड़े अधिकारियों से भी इस मुद्दे पर जवाब की उम्मीद की जा रही है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द इन बैनरों को हटाया जाए और फुटपाथ को फिर से पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाया जाए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि शहरों में अनियंत्रित विज्ञापन न केवल अव्यवस्था पैदा करते हैं, बल्कि आपातकालीन स्थिति में भी बाधा बन सकते हैं।
कुल मिलाकर, NSC बोस रोड पर फुटपाथों पर लगे बैनरों की समस्या चेन्नई में शहरी प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।