चेन्नई: राज्य सरकार एक सिंगल 'ई-सेवई 2.0' (e-Sevai 2.0) प्लेटफॉर्म लाने की योजना बना रही है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों को 1,000 तक सेवाएं मिल सकेंगी और इसमें तमिल भाषा का AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) भी शामिल होगा।

यह प्लेटफॉर्म लगभग 15 विभागीय पोर्टलों और 18 डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम को आपस में जोड़ेगा, और 110 टेराबाइट (TB) पुराने डेटा को नए सिस्टम में माइग्रेट करेगा।

इस योजना के तहत, तमिलनाडु ई-गवर्नेंस एजेंसी (TNeGA) ने 23 अक्टूबर को एक 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' (रुचि की अभिव्यक्ति) जारी किया है। इसमें IT कंपनियों से ऐसे सॉफ्टवेयर का सुझाव मांगा गया है, जो इस बड़े प्लेटफॉर्म के कामकाज (वर्कफ्लो) को मैनेज कर सके। इसके लिए जवाब 3 नवंबर तक जमा करने होंगे।

मौजूदा 'ई-सेवई' प्लेटफॉर्म, जो 9 मई 2016 को शुरू हुआ था, 38 विभागों की 275 सेवाएं प्रदान करता है। यह सेवाएं 25,277 ई-सेवई केंद्रों और एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दी जाती हैं। इस प्लेटफॉर्म पर साल भर में लगभग 1.4 करोड़ ट्रांजेक्शन होते हैं। इन सेवाओं में से 122 सेवाएं सीधे इसी प्लेटफॉर्म पर बनी हैं, जबकि 153 सेवाएं अलग-अलग विभागीय सिस्टम से जुड़ी हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म जावा (Java) और .NET जैसी अलग-अलग टेक्नोलॉजी स्टैक पर चलता है।

प्रस्तावित सिस्टम के जरिए, अलग-अलग विभागीय एप्लिकेशन में बिखरी हुई सेवाओं को एक ही कॉमन प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इसके मुख्य हिस्से में एक ऑनलाइन पोर्टल, सरकारी सिस्टम को जोड़ने वाला मिडलवेयर, और एप्लिकेशन, अप्रूवल, बिजनेस रूल्स, दस्तावेजों व नोटिफिकेशन को मैनेज करने वाले टूल्स शामिल होंगे।

 

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