कोयंबटूर: मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के एक साल से अधिक समय बाद, कोयंबटूर में वालपराई नगर पालिका इस अक्टूबर से एकल-उपयोग पीईटी बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने की तैयारी कर रही है।

नगर पालिका ने उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर प्रतिबंध लागू करने के लिए मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जो तमिलनाडु के पश्चिमी घाट में 28 प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण, भंडारण, आपूर्ति, परिवहन, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाता है।

नगर पालिका आयुक्त पी वेंकटलक्ष्मणन ने कहा, "हमने एकल-उपयोग प्लास्टिक, विशेष रूप से पीईटी बोतलों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। यदि कोई प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो इसे लागू करने पर विचार किया जाता है। लेकिन इस मामले में, हमें जिला प्रशासन से परामर्श करना होगा। हमने जनता, व्यापारियों और आगंतुकों को प्रतिबंध के बारे में जागरूक करने के लिए नोटिस तैयार किया है। जिला कलेक्टर से परामर्श करने और नोटिस की मंजूरी मिलने के बाद, हम उन्हें प्रसारित करेंगे और प्रतिबंध लागू करना शुरू करेंगे।"

पश्चिमी घाट का एक हिल स्टेशन वालपराई हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है और पर्यटन एक प्रमुख राजस्व स्रोत है। इस बीच, प्लास्टिक कचरे का संचय पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। इसके संरक्षण को देखते हुए नगर पालिका ने यह निर्णय लिया है। अधिकारियों ने कहा कि नीलगिरि सहित कई स्थानों पर यह पहले से ही लागू है।

"हालांकि प्रस्ताव पारित हो गया है, हमने व्यापारियों को अपने मौजूदा स्टॉक को खाली करने के लिए 15 दिनों की छूट दी है। उन्हें निर्देश दिया जाएगा कि वे निर्माण, भंडारण, आपूर्ति, परिवहन, बिक्री और वितरण के लिए प्रतिबंधित वस्तुओं की खरीद न करें। हम वन विभाग को भी सूचित करेंगे ताकि वे घाट रोड में प्रवेश करते समय लोगों की जांच कर सकें। शुरुआत में हम पानी की बोतलों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, "एक वरिष्ठ नगर पालिका अधिकारी ने कहा।

 

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