चेन्नई: PWD मंत्री आधव अर्जुन ने मंगलवार को PWD और हाईवे मंत्री रहे EV वेलु (DMK) के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया। आरोप है कि उन्होंने बिना फंड आवंटित किए 2,000 करोड़ रुपये के 80 हाईवे प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी, जिससे विधानसभा की मंज़ूरी के बिना भविष्य के बजट पर एक 'कमिटेड लायबिलिटी' (अनिवार्य देनदारी) बन गई।

अर्जुन ने कहा कि 2021 से 2026 तक मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, वेलु ने राज्य द्वारा वित्तपोषित सड़क विकास योजना 'कॉम्प्रिहेंसिव रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम' (CRIDP) के तहत 80 प्रोजेक्ट्स के लिए पहले ही प्रशासनिक मंज़ूरी दे दी थी। इस संबंध में इस साल 14 जनवरी को एक सरकारी आदेश (G.O.) जारी किया गया था, जिसमें 2,000 करोड़ रुपये के काम की अनुमति दी गई थी।

हालांकि, जब 2025-26 वित्तीय वर्ष के दौरान इन सभी 80 प्रोजेक्ट्स के लिए टेंडर मंगाए गए और वर्क ऑर्डर जारी किए गए, तो इनके लिए कोई फंड आवंटित नहीं किया गया था। सरकार ने कहा था कि 2,000 करोड़ रुपये का खर्च 2026-27 में इस योजना के लिए कुल आवंटन में एडजस्ट किया जाएगा।

 

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