सिक्किम: मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने शुक्रवार, 25 सितंबर को राज्य के विकास में नेवार समुदाय के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इंद्रजात्रा त्योहार प्रकृति, कृषि, यादों, समुदाय और सद्भाव के मूल्यों को दर्शाता है।
सिक्किम नेवार गुठी (SNG) द्वारा आयोजित राज्य-स्तरीय इंद्रजात्रा समारोह 2026 को संबोधित करते हुए तमांग ने कहा कि नेवार समुदाय के सदस्यों ने सिक्किम के प्रशासन, कृषि, व्यापार, खनन, संस्कृति, कला, खेल और समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने सिक्किम के इतिहास के शुरुआती वर्षों में प्रशासन, कृषि, व्यापार, तांबा खनन और सिक्का निर्माण में लक्ष्मीदास प्रधान और चंद्रबीर प्रधान सहित शुरुआती नेवार अग्रदूतों के योगदान को याद किया।
तमांग ने कहा, "इंद्रजात्रा केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि प्रकृति, कृषि, यादों, समुदाय और सद्भाव का उत्सव है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह त्योहार आपसी सम्मान और सद्भावना का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पर्वतारोहण, खेल, कला और संगीत के क्षेत्रों में नेवार समुदाय के सदस्यों की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि उनके योगदान ने सिक्किम को पहचान दिलाने में मदद की है।
तमांग ने कहा कि राज्य सरकार सभी समुदायों के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उसने उन्हें अपने संस्थानों को मजबूत करने और अपने सांस्कृतिक और सामाजिक हितों को बढ़ावा देने के लिए अधिक अवसर प्रदान करने के लिए कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री शिक्षा सहायता योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिक्किम भर के छात्रों, जिनमें नेवार समुदाय के छात्र भी शामिल हैं, को उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता से लाभ मिला है।
उन्होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि सरकारी योजनाएं और विकास पहल उन लोगों तक पहुंचें जिन्हें उनकी आवश्यकता है और राज्य भर के लोगों के कल्याण के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान, तमांग ने सिक्किम नेवार गुठी को उसके भवन के निर्माण के लिए भूमि का पट्टा (land parcha) सौंपा और पहले सिक्किम यात्रा और पर्यटन मेले 2026 के लोगो का अनावरण किया।
उन्होंने नेवार रत्न सम्मान 2026 और भानजी भृकुटी सम्मान प्राप्तकर्ताओं को भी सम्मानित किया। सूर्यवीर तुलाधर, गोविंद प्रसाद प्रधान और गणेश कुमार प्रधान को 'नेवार रत्न सम्मान' मिला, जबकि सुचितना तमांग को उनके योगदान और उपलब्धियों के लिए 'भानजी भृकुटी सम्मान' से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने 'स्मारिका 2026' भी जारी की, जो समुदाय की गतिविधियों, उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत का ब्यौरा देने वाला सालाना प्रकाशन है। इस साल यह प्रकाशन प्रिंट और डिजिटल, दोनों फॉर्मेट में जारी किया गया है।
इस कार्यक्रम के दौरान 'रिचुअल बुक' (अनुष्ठान पुस्तिका) और 'नेवार इंद्रजात्रा गीत' भी जारी किए गए।
राज्य-स्तरीय समारोह के चौथे दिन पारंपरिक नेवार प्रस्तुतियां और अनुष्ठान हुए, जिनमें कुमारी नृत्य, वज्रयोगिनी नृत्य, नेवारी लोक नृत्य, धिमे नृत्य और पंच कुमारी नृत्य के साथ-साथ संगीत प्रस्तुतियां और सामुदायिक भेंट शामिल थीं।
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