गंगटोक :  पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में तमजे-फोडोंग-काबिलुंगचोक ट्रेल को ट्रैकिंग सर्किट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव सामने आया है। इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस मार्ग को ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए नई मंजिल के रूप में विकसित करना है। प्रस्ताव के अमल में आने पर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

तमजे-फोडोंग-काबिलुंगचोक मार्ग पहाड़ी और प्राकृतिक इलाकों से होकर गुजरता है। इसे व्यवस्थित ट्रैकिंग सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए मार्ग की स्थिति, पर्यटकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे पहलुओं पर ध्यान देना होगा।
ट्रैकिंग के लिए नया सर्किट बनाने की तैयारी
प्रस्ताव के तहत तमजे से फोडोंग होते हुए काबिलुंगचोक तक के मार्ग को ट्रैकिंग गतिविधियों के लिए उपयोगी बनाने की योजना है। इससे साहसिक पर्यटन में रुचि रखने वाले पर्यटकों को एक नया विकल्प मिल सकता है।
ट्रैकिंग सर्किट विकसित होने के बाद पर्यटकों को क्षेत्र के प्राकृतिक नजारों, पहाड़ी रास्तों और स्थानीय जीवन को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
स्थानीय लोगों को मिल सकता है फायदा
ट्रैकिंग पर्यटन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो सकता है। पर्यटकों के आने से होमस्टे, स्थानीय गाइड, परिवहन, खानपान और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
स्थानीय युवाओं को ट्रैकिंग गाइड और अन्य पर्यटन सेवाओं से जोड़ने पर उन्हें अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार का विकल्प मिल सकता है। इससे पर्यटन से होने वाली आय का एक हिस्सा सीधे स्थानीय समुदाय तक पहुंचने की संभावना बढ़ेगी।
बुनियादी सुविधाओं पर देना होगा ध्यान
किसी भी ट्रैकिंग सर्किट को विकसित करने के लिए केवल रास्ते की पहचान पर्याप्त नहीं होती। ट्रेल पर संकेतक, विश्राम स्थल, स्वच्छ पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन संपर्क जैसी सुविधाएं महत्वपूर्ण होती हैं।
इसके अलावा मौसम और पहाड़ी परिस्थितियों को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने की जरूरत होगी। प्रशिक्षित स्थानीय गाइड और आपात स्थिति में सहायता की व्यवस्था ट्रैकिंग सर्किट को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पर्यावरण संरक्षण भी बड़ी चुनौती
पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ कचरा और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए प्रस्तावित ट्रैकिंग सर्किट को पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित करना जरूरी होगा।
प्लास्टिक और कचरे के उचित निपटान, प्राकृतिक वनस्पति के संरक्षण और पर्यटकों के लिए जिम्मेदार ट्रैकिंग से जुड़े नियमों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
तमजे-फोडोंग-काबिलुंगचोक ट्रेल को ट्रैकिंग सर्किट बनाने का प्रस्ताव अगर आगे बढ़ता है तो यह क्षेत्र के साहसिक पर्यटन को नई पहचान दे सकता है। हालांकि इसकी अंतिम रूपरेखा, सुविधाओं और विकास कार्यों की तस्वीर प्रस्ताव को संबंधित स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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