गंगटोक: सिक्किम में लगातार बदलते मौसम, भारी बारिश, भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं से सड़क संपर्क प्रभावित होने की समस्या के बीच HCS ने मौसम और जलवायु के अनुकूल सड़क बुनियादी ढांचा विकसित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि हिमालयी राज्य की संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सामान्य सड़क निर्माण के बजाय ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार करने की जरूरत है, जो अत्यधिक बारिश और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सके।
सिक्किम में सड़कें स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ पर्यटन, व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां सड़क संपर्क बाधित होने पर कई क्षेत्रों का बाकी हिस्सों से संपर्क टूटने का खतरा रहता है।
भारी बारिश और भूस्खलन बड़ी चुनौती
मानसून के दौरान सिक्किम में भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाएं सामने आती हैं। पहाड़ों से मलबा और चट्टानें गिरने पर प्रमुख मार्ग घंटों या कई दिनों तक बाधित हो सकते हैं।
HCS का जोर इस बात पर है कि सड़क परियोजनाओं की योजना बनाते समय केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं, बल्कि भविष्य में जलवायु परिवर्तन से पैदा होने वाली चुनौतियों को भी ध्यान में रखा जाए।
मजबूत ड्रेनेज सिस्टम पर जोर
पहाड़ी सड़कों को सुरक्षित रखने में जल निकासी व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अत्यधिक बारिश के दौरान सड़क के आसपास पानी जमा होने या ढलानों के भीतर जाने से मिट्टी कमजोर हो सकती है, जिससे भूस्खलन और सड़क टूटने का जोखिम बढ़ जाता है।
ऐसे में सड़क निर्माण के साथ वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम, रिटेनिंग वॉल, ढलानों को स्थिर करने के उपाय और नियमित रखरखाव जरूरी माना जाता है। संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां पहले से सुरक्षा उपाय करने से आपदा के दौरान नुकसान कम किया जा सकता है।
वैज्ञानिक अध्ययन के बाद हों निर्माण कार्य
HCS ने सड़क परियोजनाओं में भूवैज्ञानिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों को प्राथमिकता देने की जरूरत पर भी जोर दिया है। हिमालयी क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। इसलिए पहाड़ काटने या बड़े निर्माण कार्य से पहले विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों की मदद से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की मैपिंग, मिट्टी और चट्टानों की स्थिति का अध्ययन तथा वर्षा के पैटर्न का विश्लेषण करके सड़क निर्माण की बेहतर योजना बनाई जा सकती है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए सड़कें जरूरी
सिक्किम की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक राज्य के पहाड़ी और प्राकृतिक स्थलों को देखने पहुंचते हैं। खराब मौसम में सड़क बंद होने से पर्यटकों के साथ होटल, टैक्सी और दूसरे स्थानीय कारोबार भी प्रभावित होते हैं।
अगर प्रमुख पर्यटन मार्गों को मौसम के अनुकूल और अधिक सुरक्षित बनाया जाता है तो इससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा हो सकता है।
आपदा के समय राहत कार्य होंगे आसान
मजबूत सड़क नेटवर्क का महत्व प्राकृतिक आपदा के दौरान और बढ़ जाता है। सड़क टूटने पर बचाव दल, एंबुलेंस और राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने में परेशानी होती है। इसलिए आपदा प्रतिरोधी सड़क ढांचे को लोगों की सुरक्षा से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
HCS की मांग है कि भविष्य की सड़क परियोजनाओं में जलवायु अनुकूलन को प्रमुख आधार बनाया जाए। साथ ही मौजूदा सड़कों के संवेदनशील हिस्सों को मजबूत करने और समय पर रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाए।
सिक्किम जैसे हिमालयी राज्य में मौसम के अनुकूल सड़क ढांचा केवल यातायात का सवाल नहीं है। यह पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था, आपदा प्रबंधन और दूरदराज के लोगों तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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