गंगटोक में जुटे पूर्वोत्तर के शिक्षा अधिकारी, स्कूलों की गुणवत्ता पर चर्चा
गंगटोक: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सिक्किम की राजधानी गंगटोक में आयोजित एक क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) और समग्र शिक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों के पोषण, योजनाओं के संचालन और राज्यों के सामने आने वाली चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना था।
पूर्वोत्तर के पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में विद्यालयों तक संसाधन पहुंचाना, शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और बच्चों को नियमित पोषण सहायता देना महत्वपूर्ण विषय हैं। ऐसे में केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा से राज्यों में इनके प्रभावी संचालन की जरूरतों को समझने में मदद मिल सकती है।
9 और 10 अक्टूबर को आयोजित हुई दो दिवसीय बैठक
सिक्किम सरकार की मेजबानी में 9 और 10 अक्टूबर 2026 को यह दो दिवसीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव आशीष जोशी ने की। इसमें पूर्वोत्तर राज्यों के शिक्षा विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में योजनाओं की प्रगति, स्वीकृत धनराशि के उपयोग, निगरानी व्यवस्था और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने पर जोर दिया गया।
पहले दिन पीएम पोषण योजना की समीक्षा 9 अक्टूबर को बैठक का मुख्य विषय पीएम पोषण योजना रहा। अधिकारियों ने योजना की प्रगति, खर्च की स्थिति, उपलब्ध धनराशि के उपयोग और बच्चों तक लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की समीक्षा की।
पीएम पोषण योजना का उद्देश्य पात्र सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। यह योजना बच्चों के पोषण के साथ विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई में भागीदारी को प्रोत्साहित करने से भी जुड़ी है। बैठक में योजना की निगरानी को मजबूत करने और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई गई।
दूसरे दिन समग्र शिक्षा पर हुई चर्चा
10 अक्टूबर को समग्र शिक्षा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस दौरान पूर्वोत्तर राज्यों ने अपनी प्रगति, सफल पहलों और योजनाओं के संचालन में सामने आने वाली चुनौतियों की जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार करने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। शिक्षकों के प्रशिक्षण, क्षमता विकास और कक्षाओं में आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।
बैठक से पहले स्कूलों का निरीक्षण
समीक्षा बैठक से पहले 8 अक्टूबर को संयुक्त सचिव आशीष जोशी ने सिक्किम के स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों का दौरा किया। उनके साथ राज्य के स्कूल शिक्षा सचिव ताशी चोपेल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सिंगतम स्थित पीएम श्री सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, आहो पुल किशन माध्यमिक विद्यालय, गंगटोक के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, बुरतुक स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और भोजोघारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान शिक्षण व्यवस्था, विद्यालयों की सुविधाओं, शैक्षणिक बुनियादी ढांचे और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़ी पहलों की समीक्षा की गई।
शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर
अधिकारियों ने शिक्षक शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा के लिए शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग आवश्यक है। बैठक में तकनीक और नवाचार का इस्तेमाल बढ़ाने तथा अलग-अलग राज्यों की सफल शैक्षणिक पहलों को साझा करने पर भी सहमति जताई गई। पूर्वोत्तर राज्यों की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप शैक्षणिक उपाय अपनाने की आवश्यकता बताई गई।
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सिक्किम के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संदीप तांबे, स्कूल शिक्षा सचिव ताशी चोपेल, समग्र शिक्षा निदेशक, एससीईआरटी निदेशक, स्कूल शिक्षा निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
योजनाओं को प्रभावी बनाने का संकल्प
दो दिवसीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और पूर्वोत्तर राज्यों ने पीएम पोषण तथा समग्र शिक्षा योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में बेहतर निगरानी, स्वीकृत धनराशि के उचित उपयोग, शिक्षकों के क्षमता विकास और सभी बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।