DARJEELING: दार्जिलिंग की राजनीतिक समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर इंडियन गोरखा जनशक्ति फ्रंट (IGJF) प्रमुख अजय एडवर्ड्स ने सर्वदलीय बातचीत की मांग की है। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग पहाड़ियों, तराई और डुआर्स क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का समाधान किसी एक राजनीतिक दल के प्रयास से नहीं बल्कि सभी पक्षों को साथ लेकर बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।

अजय एडवर्ड्स ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक और स्थायी समाधान की जरूरत है। उन्होंने इस मुद्दे को दलगत राजनीति से ऊपर उठाकर देखने की अपील की।
सभी दलों को साथ आने की अपील
IGJF प्रमुख का कहना है कि दार्जिलिंग के भविष्य से जुड़े फैसलों में क्षेत्र के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और हितधारकों की भागीदारी जरूरी है। उनका मानना है कि आपसी संवाद से ही ऐसा समाधान तैयार किया जा सकता है जो लंबे समय तक टिकाऊ हो।
उन्होंने स्थायी राजनीतिक समाधान (Permanent Political Solution) के मुद्दे पर सामूहिक नेतृत्व और बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया है।
गोरखालैंड मुद्दा रहा है प्रमुख विषय
दार्जिलिंग क्षेत्र में लंबे समय से राजनीतिक पहचान और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर मांगें उठती रही हैं। गोरखालैंड की मांग इस क्षेत्र की राजनीति का प्रमुख मुद्दा रही है। IGJF भी क्षेत्रीय पहचान और राजनीतिक समाधान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देता रहा है।
अजय एडवर्ड्स की पार्टी ने पहले भी कहा है कि दार्जिलिंग के मुद्दे का समाधान व्यापक चर्चा और लोगों की भागीदारी के आधार पर होना चाहिए।
राजनीतिक संवाद पर जोर
अजय एडवर्ड्स ने कहा कि बार-बार होने वाले आंदोलन और विवादों के बजाय बातचीत के माध्यम से स्थायी रास्ता तलाशना जरूरी है। उन्होंने सभी पक्षों से क्षेत्र के विकास, पहचान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने की अपील की।
फिलहाल दार्जिलिंग के राजनीतिक भविष्य को लेकर विभिन्न दलों के बीच चर्चा जारी है और स्थायी समाधान की मांग एक बार फिर प्रमुखता से उठ रही है।
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