बड़लियास क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर सांकेतिक धरना, शीघ्र समाधान की मांग
Bhilwara भीलवाड़ा। बड़लियास में क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पुर्व प्रधान विजय सिह राणावत के नेतृत्व तथा समस्त ग्रामवासीयों के सहयोग से बुधवार को आयोजित सांकेतिक धरना शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर गांव की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग बुलंद की। पूर्व प्रधान विजय सिंह राणावत ने कहा कि यह धरना किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि क्षेत्र की जनता के हितों की रक्षा और विकास कार्यों को गति देने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याओं का जल्द समाधान होना चाहिए ताकि आमजन को राहत मिल सके। धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बड़लियास क्षेत्र लंबे समय से सड़क, नाली, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्राम पंचायत स्तर पर लंबित विकास कार्यों जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। धरने में उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने नियमित पेयजल आपूर्ति, निर्बाध बिजली, बेहतर चिकित्सा एवं शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने, कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी समस्याओं के समाधान, रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। धरना समाप्ति के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन के नाम बडलियास नायाब तहसीलदार मदन शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के सहयोग से चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरने के दौरान नंदलाल जोशी, देवकरण आचार्य, ओम प्रकाश पोरवाल, महावीर काबरा, नवल पोरवाल, भंवरलाल चतुर्वेदी, बसन्ती लाल व्यास, जगदीश पोरवाल, गोपाल पोरवाल, डालचंद रेगर, पारस टेलर, कालू जायसवाल, विशाल सुधार, नीरज व्यास, बालचंद खटीक, मदन मेवाड़ा, छीत्रर गुर्जर, राजू पहाड़िया, टीकम तेली, मोहन राव, राजेश सोनी सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, उपखंड अधिकारी मांडलगढ़ का भी प्रेषित की गई।