MGNREGA में सुधार जनहित में, कांग्रेस के पास न मुद्दे हैं न दिशा: जोगाराम पटेल
Rajasthan राजस्थान: सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रवक्ता केवल नाम बदलने की बात कर रहे हैं, लेकिन योजना में किए गए वास्तविक सुधारों और जनहित के फैसलों पर चुप्पी साधे हुए हैं। मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस यह नहीं बता रही कि काम के दिनों में बढ़ोतरी की गई है, योजना को और अधिक सरल बनाया गया है, मज़दूरी दर बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं और किसानों के हित में कई व्यावहारिक बदलाव किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सुधारों का उद्देश्य ग्रामीण मज़दूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और कृषि कार्यों के दौरान किसानों को होने वाली परेशानियों को कम करना है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राजस्थान सरकार की महात्मा गांधी में आस्था कांग्रेस से भी अधिक है। “महात्मा गांधी हमारे आदर्श हैं, लेकिन किसी भी कानून या योजना को समय-समय पर ज़मीनी जरूरतों के अनुसार प्रभावी बनाना आवश्यक होता है। अगर कोई कानून अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहा है, तो उसमें सुधार करना ही सुशासन की पहचान है,” जोगाराम पटेल ने कहा। मंत्री ने यह भी जोड़ा कि पहले MGNREGA के तहत कई व्यावहारिक दिक्कतें थीं। भुगतान में देरी, कार्यवधि की सीमाएं और कृषि सीजन के दौरान किसानों को हो रही समस्याओं को देखते हुए सरकार ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इन बदलावों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और मज़दूरों को स्थायी राहत मिलेगी।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए जोगाराम पटेल ने कहा कि विपक्ष इस समय पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुका है। “कांग्रेस परेशान है क्योंकि उनके पास न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही वे ज़मीन पर कुछ कर पा रहे हैं। इसलिए वे केवल बयानबाज़ी कर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं,” उन्होंने कहा। उन्होंने कांग्रेस के हालिया राजनीतिक अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में चलाया गया ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान भी कोई असर नहीं दिखा सका। “उस अभियान का क्या हश्र हुआ, यह सबने देख लिया। दिल्ली में वह पूरी तरह फ्लॉप हो गया। इसके बावजूद कांग्रेस वही पुराने नारे और आरोप दोहरा रही है,” मंत्री ने तंज कसते हुए कहा। जोगाराम पटेल ने दावा किया कि राजस्थान सरकार ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को लेकर गंभीर है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मज़दूरों को समय पर मज़दूरी मिले, काम के अवसर बढ़ें और किसान बिना किसी बाधा के अपने कृषि कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी सरकार जनहित में ऐसे ही फैसले लेती रहेगी, चाहे विपक्ष कितना ही शोर क्यों न मचाए।