Rajasthan : मानसून का जोर, डूंगरपुर-बांसवाड़ा में रेड अलर्ट

Update: 2026-07-24 04:19 GMT

जयपुर : राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने शुक्रवार (24 जुलाई) को कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। खासकर दक्षिणी राजस्थान में मानसून का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि कई अन्य जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी राजस्थान में सक्रिय मौसम तंत्र के कारण बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। डूंगरपुर और बांसवाड़ा में कहीं-कहीं अत्यधिक तेज बारिश हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों में तेज बहाव और आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा उदयपुर, सिरोही, जालौर, बाड़मेर और पाली जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और बिना जरूरी काम के जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

राज्य के अन्य कई जिलों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। मानसून की सक्रियता के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर सड़क यातायात प्रभावित होने, खेतों में पानी भरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, राजस्थान में मानसून की स्थिति फिलहाल मजबूत बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण प्रदेश में बादलों की आवाजाही बढ़ी है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। दक्षिणी और पश्चिमी राजस्थान के जिलों में इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है।

डूंगरपुर और बांसवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

उदयपुर संभाग में भी बारिश का असर लगातार देखने को मिल रहा है। पहाड़ी इलाकों और जलाशयों वाले क्षेत्रों में बारिश के कारण जलस्तर बढ़ रहा है। पर्यटन स्थलों पर भी मौसम का प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से जलस्रोतों के आसपास सावधानी बरतने की अपील की है।

पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर और जालौर जैसे जिलों में भारी बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को मौसम के अनुसार खेती संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राजस्थान में मानसून की सक्रियता बने रहने का अनुमान जताया है। कई जिलों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रह सकता है। विभाग लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और परिस्थितियों के अनुसार नए अलर्ट जारी किए जा सकते हैं।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन भी मौसम विभाग के अलर्ट के बाद सतर्क हो गए हैं। आपदा राहत टीमों को तैयार रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी अपडेट पर ध्यान दें और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

फिलहाल राजस्थान में मानसून की सक्रियता से जहां किसानों और आम लोगों को राहत मिली है, वहीं भारी बारिश वाले जिलों में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। आने वाले दिनों में बारिश का असर किस तरह रहता है, इस पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है।

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