Rajasthan राजस्थान: राज्य में किशोरियों को शादी के नाम पर बेचने वाले अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह की जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह गरीब और असहाय परिवारों की किशोरियों को निशाना बनाकर एक संगठित तरीके से काम करता था।

जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य सबसे पहले ऐसे परिवारों की पहचान करते थे जो आर्थिक रूप से कमजोर होते थे। इसके बाद वे किशोरियों की तस्वीरें हासिल करते थे और उन्हें अलग-अलग माध्यमों से एकत्र करते थे।

इन तस्वीरों को बाद में व्हाट्सएप के जरिए राजस्थान में मौजूद गिरोह के सरगनाओं तक भेजा जाता था। वहीं से आगे की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, राजस्थान में बैठे लोग इन तस्वीरों को देखकर लड़कियों की “बोली” लगाते थे और सौदे तय किए जाते थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आकर्षक और सुंदर मानी जाने वाली किशोरियों की कीमत अधिक रखी जाती थी। ऐसे मामलों में सौदा ढाई लाख रुपये से शुरू होता था और मांग के आधार पर कीमत बढ़ाई जाती थी।

सौदा तय होने के बाद गिरोह के सदस्य किशोरियों को या तो बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते थे या फिर उनके परिवारों को पैसों का लालच देकर उन्हें भेजने के लिए तैयार कर लेते थे। कई मामलों में परिवारों को यह बताया जाता था कि उनकी बेटी की शादी अच्छे परिवार में कराई जाएगी और उन्हें आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम करता था और इसमें कई राज्यों के लोग शामिल होने की आशंका है। गिरोह का उद्देश्य केवल शादी के नाम पर किशोरियों की तस्करी करना और उनसे अवैध रूप से धन अर्जित करना था।

जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के पूरे कनेक्शन को खंगालने में जुटी हुई हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक कितनी लड़कियों को इस तरीके से तस्करी का शिकार बनाया गया है और वे वर्तमान में कहां हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने स्थानीय स्तर पर भी सतर्कता बढ़ा दी है और ऐसे संदिग्ध मामलों पर नजर रखी जा रही है।

इस खुलासे के बाद राज्य में मानव तस्करी को लेकर चिंता और बढ़ गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के संदिग्ध विवाह प्रस्ताव या अनजान संपर्कों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें ताकि इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सके।

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