Rajasthanराजस्थान: राजस्थान में फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। विधानसभा और सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14 युवकों से करीब 70 लाख रुपये ठगने के मामले में जयपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक जैन उर्फ ​​आरके अग्रवाल को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया है। आरोपी आईएएस अधिकारी बनकर इंटरव्यू लेता था और फर्जी कॉल लेटर जारी करता था। यह मामला दो साल पहले जयपुर के मुरलीपुरा थाने में दर्ज हुआ था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में रिटायर्ड फौजी सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके मुताबिक उसका भाई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
इस दौरान वह अनिल मीना, कमल किशोर मीना उर्फ ​​मोंटू और सुनीत शर्मा उर्फ ​​अभिषेक के संपर्क में आया। इन लोगों ने खुद को ऊंची पहुंच वाला बताकर 14 लड़कों से 70 लाख रुपये ऐंठ लिए और उन्हें विधानसभा और सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। गिरोह ने बनाए फर्जी आईएएस और डॉक्टर साक्षात्कार प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए गिरोह ने दीपक जैन को फर्जी आईएएस अधिकारी और राजेंद्र कुमार उर्फ ​​रामलाल मीना को फर्जी डॉक्टर के तौर पर पेश किया। युवकों से 6-6 लाख रुपए लेकर उन्हें कॉल लेटर थमा दिए गए। गिरोह के मुख्य सरगना मोंटू मीना और सुनीत शर्मा को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं।
जयपुर (पश्चिम) डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि दो साल पुराने इस मामले में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने आगरा से दीपक जैन को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में कई अन्य खुलासे होने की उम्मीद है। डीसीपी के मुताबिक आरोपियों ने 2021 में जयपुर के स्टेच्यू सर्किल पर फर्जी आईएएस बनकर परिवादी को ठगा था।
गिरोह के शातिर तरीके
पूरे मामले की जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से विधानसभा और सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था। सभी आरोपी खुद को उच्च पदों पर बताकर युवाओं को विश्वास में लेते थे और लाखों रुपए ऐंठ लेते थे।
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