पुरी में क्रूज टर्मिनल की तैयारी तेज, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Update: 2026-07-29 09:28 GMT

भुवनेश्वर/पुरी। ओडिशा सरकार ने राज्य में समुद्री पर्यटन को नई ऊंचाई देने और पर्यटन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से पुरी में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल परियोजना के विकास कार्यों को गति दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए ओडिशा को अंतरराष्ट्रीय क्रूज पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है।

इसी दिशा में हाल ही में वाणिज्य एवं परिवहन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजपूत नवीन विकास के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय टीम ने प्रस्तावित क्रूज टर्मिनल स्थल का दौरा किया। टीम ने पर्यटन विभाग और पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों के साथ मिलकर परियोजना की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और भविष्य की विकास योजनाओं की समीक्षा की।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रस्तावित टर्मिनल के निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। इस दौरान भूमि, कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाओं और अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी चर्चा की गई।

समुद्री पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

ओडिशा सरकार का मानना है कि पुरी में इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल के निर्माण से राज्य में समुद्री पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। पुरी पहले से ही धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। जगन्नाथ मंदिर और समुद्र तट के कारण यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

सरकार की योजना है कि क्रूज पर्यटन को विकसित करके पुरी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनाया जाए। इससे न केवल पर्यटन क्षेत्र को फायदा होगा, बल्कि होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति का लिया जायजा

प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजपूत नवीन विकास के नेतृत्व वाली टीम ने संबंधित अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली। बैठक के दौरान क्रूज टर्मिनल के संचालन, आवश्यक सुविधाओं और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर चर्चा हुई।

पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने भी परियोजना से जुड़े तकनीकी और समुद्री पहलुओं पर जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि क्रूज टर्मिनल के विकास के लिए बेहतर योजना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जरूरी है।

पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की पहल

ओडिशा सरकार पिछले कुछ समय से राज्य में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। समुद्री पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तटीय क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।

इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल इसी रणनीति का हिस्सा है। इसके माध्यम से राज्य में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सेवाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि क्रूज पर्यटन के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को काफी लाभ मिल सकता है। क्रूज से आने वाले पर्यटकों के कारण होटल, रेस्तरां, परिवहन सेवाओं और स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ सकती है।

इसके अलावा, परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। स्थानीय युवाओं को पर्यटन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम के अवसर मिल सकते हैं।

बेहतर कनेक्टिविटी पर भी रहेगा ध्यान

क्रूज टर्मिनल को सफल बनाने के लिए सड़क, रेल और अन्य परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाना भी जरूरी माना जा रहा है। अधिकारियों ने परियोजना के दौरान कनेक्टिविटी से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की।

सरकार की कोशिश है कि पर्यटकों को टर्मिनल तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और पुरी को एक सुविधाजनक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए।

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर ओडिशा की पहचान

पुरी में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल को ओडिशा के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित न रहे, बल्कि समुद्री और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाए।

अधिकारियों का कहना है कि परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा रहा है।

आगे की प्रक्रिया पर नजर

फिलहाल परियोजना की योजना, तकनीकी समीक्षा और विकास संबंधी तैयारियां जारी हैं। उच्चस्तरीय टीम के दौरे के बाद अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

ओडिशा सरकार को उम्मीद है कि पुरी में इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल बनने से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। यह परियोजना न केवल समुद्री पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि ओडिशा को देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।

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