दिवाली पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर प्रवेश द्वार स्थापित

Update: 2025-10-19 17:29 GMT
Rajasthan राजस्थान: राजस्थान के उदयपुर शहर में दिवाली की तैयारियों के बीच शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों को सजाने का अनोखा अंदाज देखने को मिला है। इस बार दिवाली के अवसर पर “ऑपरेशन सिंदूर” थीम पर आधारित एक विशेष प्रवेश द्वार स्थापित किया गया, जिसने लोगों का ध्यान खींचा और त्योहार की झलक को और जीवंत बना दिया। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने मिलकर इस प्रवेश द्वार को तैयार किया। इसे तैयार करने में रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक दीपक और आधुनिक सजावट का मिश्रण किया गया है। प्रवेश द्वार के केंद्र में “ऑपरेशन सिंदूर” थीम के तहत लाल और सुनहरे रंगों का प्रयोग किया गया है, जो पारंपरिक भारतीय संस्कृति और दिवाली के त्योहार की भावना को दर्शाता है।
स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने इस प्रवेश द्वार की सराहना की। कई लोग इसे देख कर फोटो और वीडियो बनाने में व्यस्त नजर आए। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह थीम दिवाली के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर करती है। “ऑपरेशन सिंदूर” का उद्देश्य न केवल दिवाली की खुशियों को साझा करना है, बल्कि शहरवासियों में सुरक्षा, सौंदर्य और पर्यावरण के प्रति सजगता को भी बढ़ावा देना है। नगर निगम अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार के प्रवेश द्वार से शहर की सड़कों और बाजारों में त्योहार का माहौल और बढ़ता है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि उदयपुर के लोग और यहां आने वाले पर्यटक दिवाली के त्योहार का आनंद लें और साथ ही हमारी सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव करें। प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित थीम और सजावट इस वर्ष विशेष रूप से डिजाइन की गई है।”
इस अवसर पर शहर में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। स्थानीय पुलिस ने मुख्य बाजार और प्रवेश द्वार के आसपास सुरक्षा गार्ड तैनात किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो और पर्यटक और नागरिक दोनों सुरक्षित महसूस करें। इसके अलावा, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित तरीके से दिवाली मनाएं। इस बार हर जगह ग्रीन पटाखों और पारंपरिक दीयों पर जोर दिया गया है। व्यापारियों ने भी इस प्रवेश द्वार के माध्यम से अपने स्टोर और उत्पादों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रवेश द्वार के माध्यम से उदयपुर प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को बनाये रखना और पर्यावरण के प्रति सजग रहना दिवाली मनाने का अहम हिस्सा है। स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही इस अनोखे प्रवेश द्वार की झलक देखकर उत्साहित हैं और इसे सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
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