राजस्थान में फिर सक्रिय होगा मानसून, कुछ जिलों में झमाझम बारिश से बदला मौसम

Update: 2026-07-15 04:31 GMT

जयपुर : राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़ा मानसून अब एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लोगों को बारिश का इंतजार करना पड़ा, लेकिन अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ और हनुमानगढ़ के कुछ इलाकों में हुई तेज बारिश ने मौसम का रुख बदल दिया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

मंगलवार को जहां पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश देखने को मिली, वहीं कई इलाकों में उमस और गर्मी का असर बना रहा। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को कुछ स्थानों पर हुई झमाझम बारिश से राहत मिली। अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया।

हनुमानगढ़ जिले के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने से किसानों और आम लोगों को राहत मिली। मानसून की कमजोर गतिविधियों के कारण कई क्षेत्रों में खेतों में बोई गई फसलों को लेकर किसान चिंतित थे। बारिश होने से फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार बना हुआ है।

मौसम विभाग का कहना है कि राजस्थान में मानसून की गति एक बार फिर बढ़ सकती है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। विभाग ने आने वाले दिनों में कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है।

पूर्वी राजस्थान के जिलों में मानसून का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, कोटा, बूंदी और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाने और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है।

इस बीच पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। मंगलवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान 38 से 40 डिग्री के आसपास बना रहा, जिससे लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में कम बारिश और तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वहीं पूर्वी राजस्थान में बादलों और नमी के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में यदि मानसून सक्रिय होता है तो तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

राजस्थान में मानसून की शुरुआत के बाद अब तक कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि कई इलाकों में किसान अभी भी अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खरीफ फसलों के लिए जुलाई महीने की बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है। बाजरा, मक्का, कपास, मूंग, ग्वार और अन्य फसलों के लिए पर्याप्त बारिश जरूरी है। ऐसे में मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है।

राज्य के जल संसाधन विभाग और प्रशासन भी बारिश की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश होती है, वहां जलभराव और अन्य समस्याओं से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोगों से भी मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की जा रही है।

मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बादल गरजने के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होने की भी संभावना है। हालांकि, अभी तक किसी बड़े मौसमी सिस्टम के कारण भारी बारिश की स्थिति नहीं बनी है।

राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में मंगलवार को दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। उमस के कारण लोग परेशान रहे और शाम के समय मौसम में कुछ राहत महसूस की गई। लोगों को अब मानसून की तेज बारिश का इंतजार है।

कुल मिलाकर राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। जहां कुछ जिलों में हुई बारिश ने राहत दी है, वहीं पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर अभी कायम है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां बढ़ने से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है। इससे किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

 

Tags:    

Similar News