Rajasthan में थमा मानसून, 19 जुलाई से फिर बारिश के आसार

Update: 2026-07-16 04:41 GMT

जयपुर: राजस्थान में मानसून की धीमी रफ्तार ने एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जुलाई के मध्य तक अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे प्रदेश के कई इलाकों में अब बादलों की आवाजाही कम हो गई है। आसमान साफ रहने से गर्मी और उमस का असर बढ़ने लगा है। खेतों में खड़ी फसलों को पर्याप्त नमी नहीं मिलने से किसानों को आने वाले दिनों की चिंता सताने लगी है।

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार 16 जुलाई को प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की गतिविधियों में फिलहाल कमी आई है, लेकिन 19 जुलाई से एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।

बारिश में कमी से किसानों की बढ़ी परेशानी

राजस्थान में खरीफ की फसलों की बुवाई का काम मानसून की बारिश पर काफी निर्भर करता है। बाजरा, मक्का, मूंग, ग्वार, कपास और अन्य खरीफ फसलों के लिए समय पर बारिश होना बेहद जरूरी होता है। मानसून की गति धीमी पड़ने से कई क्षेत्रों में खेतों में नमी कम होने लगी है।

किसानों का कहना है कि जुलाई के महीने में अच्छी बारिश होने से फसलों को मजबूती मिलती है, लेकिन इस बार कई जगह बारिश का अंतराल बढ़ गया है। लगातार बढ़ती गर्मी और उमस से फसलों पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। जिन इलाकों में शुरुआती बारिश के बाद बुवाई हो चुकी है, वहां किसानों को अब फसलों की सिंचाई और नमी बनाए रखने की चिंता सता रही है।

13 जिलों में बूंदाबांदी के आसार

मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश में भारी बारिश की संभावना से इनकार किया है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन कृषि जरूरतों के लिहाज से यह बारिश पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। इसके कारण अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर थमा हुआ है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी और वातावरण में नमी के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है।

तापमान और उमस ने बढ़ाई परेशानी

बारिश की कमी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने लगा है। दिन के समय तेज धूप और उमस के कारण लोगों का हाल बेहाल है। मानसून के दौरान सामान्य तौर पर मौसम सुहावना रहता है, लेकिन इस बार बारिश रुकने के बाद गर्मी का असर फिर से महसूस होने लगा है।

शहरी क्षेत्रों में भी लोगों को उमस भरी गर्मी परेशान कर रही है। बिजली की खपत बढ़ने के साथ ही पेयजल की मांग भी बढ़ने लगी है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फसलों को पर्याप्त पानी मिल सके।

19 जुलाई से बदल सकता है मौसम

मौसम विभाग ने राहत भरा संकेत देते हुए बताया है कि 19 जुलाई से प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। इसके बाद कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। यदि मानसून दोबारा मजबूत होता है तो किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। कई बार जुलाई के दौरान कुछ दिनों के लिए बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ जाती हैं और बाद में सिस्टम बनने पर फिर से तेज हो जाती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बनने वाले मौसमी सिस्टम पर नजर रखी जा रही है।

किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार

राजस्थान के किसान अब 19 जुलाई के बाद संभावित बारिश को लेकर उम्मीद लगाए बैठे हैं। खरीफ फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए आने वाले दिनों की बारिश काफी अहम होगी। यदि मानसून समय पर सक्रिय होता है तो फसलों को फायदा मिलेगा और किसानों की चिंता कम हो सकती है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान फिलहाल मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में नमी बनाए रखने के उपाय करें और जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करें। साथ ही मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले पूर्वानुमानों पर नजर बनाए रखें।

फिलहाल राजस्थान में मानसून कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से फिर से बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। अब प्रदेश के किसान अच्छी बारिश की आस लगाए बैठे हैं, ताकि खेतों में हरियाली लौट सके और खरीफ सीजन बेहतर रह सके।

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