जोधपुर: वेदों की ओर लौटो व पाखंड दूर करने का अलख जगाने वाले महान समाज सुधारक महर्षि दयानंद सरस्वती ने 1874 में हरियाणा के रेवाड़ी में विश्व की पहली गौशाला की स्थापना की थी। यह गौशाला बाद में श्री दयानंद गौशाला के नाम से प्रसिद्ध हुई जो गायों की रक्षा और संवर्धन के लिए राव राजा युधिष्ठिर सिंह के सहयोग से बनवाई गई थी। कुड़ी हौद स्थित श्री कृष्ण बालाजी गौ चिकित्सालय एवं गौशाला में वैदिक यज्ञ के आयोजन के दौरान सुधांशु टाक ने उपस्थित आर्यजन और बालक बालिकाओं को संबोधित करते हुए यह बात बताई।
यज्ञ ब्रह्मा रामदयाल आर्य ने कहा कि हिन्दू धर्म में गाय पूजनीय है। हिन्दू धर्मग्रन्थों और वेदों में तो गाय को स्थान दिया ही गया है, देवों और महापुरुषों ने भी गाय का उत्तम बखान किया है। इस अवसर पर गौ चिकित्सालय के संचालक देवर्षि गोस्वामी ने बीमार गायों के उपचार के लिए उपलब्ध सुविधाओं और चिकित्सा व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुकेश रावल, विमला देवी, सोनिया सारस्वत, मीना टाक, रीटा रावल, गुंजन राजपुरोहित, मनीषा, संजय, ईश्वरदास, आर्यन, स्नेहा, वैदिका, मोहित, कुणाल, रेणु, पायल, रूक्मादेवी, स्नेहा, अभिषेक सहित अनेक लोग मौजूद थे। आर्यसमाज शास्त्रीनगर की प्रधान अरुणा मोदी ने यज्ञ का संचालन किया और सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।