Jaipur: प्रदेश का सुनियोजित विकास ही हमारा लक्ष्य - नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री
Jaipur जयपुर । नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में जन आकांक्षाओं के अनुरूप प्रस्तुत बजट से ‘विकसित राजस्थान‘ का लक्ष्य साकार होगा। हमारी सरकार प्रदेश के चहुमुंखी विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। हमने प्रदेश के सुनियोजित विकास के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। सरकार पूर्ण मनोयोग से लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कार्य कर रही हैं।
नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शुक्रवार को विधान सभा में नगरीय विकास विभाग की (मांग संख्या-39) एवं स्वायत्त शासन विभाग की (मांग संख्या-40) अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। चर्चा के बाद सदन ने नगरीय विकास विभाग की 64 करोड़ 86 लाख 97 हजार रूपए एवं स्वायत्त शासन विभाग की 125 अरब 60 करोड़ 86 लाख 77 हजार रूपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दीं।
श्री खर्रा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के तहत विभाग में 574 एमओयू स्वीकृत किए गए हैं। इसमें लगभग 1 लाख 25 हजार करोड़ रूपए का निवेश प्राप्त होगा। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 1 लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि भरतपुर और बीकानेर विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया में सरलीकरण के लिए ‘डवलपमेंट प्रमोशन एंड कन्ट्रोल रेग्यूलेशन (डीपीसीआर)’ लागू की गई है। डीपीसीआर के अंतर्गत राजस्थान नगरीय क्षेत्र भू-उपयोग परिवर्तन नियम-2010 में भी सरलीकरण की दृष्टि से प्रावधानों में संशोधन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि गत सरकार के 5 वर्षों में जयपुर विकास प्राधिकरण की कुल 8 परियोजनाएं ला गई जबकि हमारी सरकार ने प्रथम वर्ष में ही 7 परियोजनाएं लाएंगे, जिनमें 3 ला चुके हैं और 4 इसी वित्तीय वर्ष में लेकर आएंगे।
शीघ्र लागू होगी विभिन्न पॉलिसियां
नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि ‘नवीन राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी-2024‘ (प्रारूप) और नगरीय क्षेत्र में स्थित पहाड़ों के संरक्षण के लिए विनियम-2024 ‘हिल पॉलिसी‘ का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। व्यापक जनहित को देखते हुए आमजन से प्राप्त सुझावों की समीक्षा अनुसार एक माह में लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में ट्रांसफेरेबल डवलपमेंट राइट (टीडीआर) पॉलिसी जारी कर गई थी। इसमें गत सरकार ने कोई योजना नहीं बनाई। अब हमारी सरकार पॉलिसी का पुनरावलोकन कर नई टीडीआर पॉलिसी को 3 माह में जारी करेगी।
श्री खर्रा ने कहा कि हमारी सरकार ने नए भवन विनियमों ‘मॉडल राजस्थान भवन विनियम-2024‘ का प्रारूप तैयार कर लिया है। इसे भी एक माह में लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निम्न आय वर्ग को अधिकाधिक आवास मूलभूत सुविधाओं के साथ उपलब्ध कराने के लिए नगरीय विकास एवं आवासन विभाग ने जुलाई, 2024 को नवीन योजना ‘मुख्यमंत्री जन आवास योजना-2024‘ का प्रारूप जारी किया है।
जेडीए के लिए 2 हजार 426 करोड़ रूपए का बजट
नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि जयपुर विकास प्राधिकरण में जनहित विकास कार्यों के लिए 2 हजार 426 करोड़ रूपए की बजट घोषणा की गई है। गत वर्ष हमारी सरकार ने 326 किमी लम्बाई में सड़क निर्माण, नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं रख-रखाव के कार्य 170 करोड़ रूपए से कराए। शहरों के 44 प्रमुख चौराहों को नवीनतम मानकों के अनुसार सुदृढ़ कराया गया। सुगम आवागमन के लिए झोटवाड़ा एलीवेटेड़ रोड एवं बी-2 बाईपास जंक्शन का कार्य पूर्ण किया गया। अब सिविल लाइन्स पर आर.ओ.बी. का कार्य प्रगतिरत है। शहर के लिए 2 आरओबी की निविदाएं प्राप्त हो चुकी हैं। एक एलिवेटेड रोड की निविदा शीघ्र आमंत्रित कर ली जाएगी। अन्य परियोजनाओं एवं जयपुर मेट्रो के अलाइनमेंट के मध्येनजर विस्तृत विचार विमर्श के बाद अन्य कार्य शुरू होंगे।
जलभराव से मिलेगी निजात
नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि मानसून में जल भराव स्थिति से आमजन को निजात मिलेगी। सीकर रोड, गोपालपुरा बाईपास, अजमेर रोड पर 200 फीट बाईपास पर कार्य प्रगतिरत है। निवारू रोड से खिरणी फाटक एवं अजमेर-दिल्ली 200 फीट बाईपास से बैनाड़ रोड रेलवे लाईन तक, सीकर रोड पर मुरलीपुरा एवं विद्याधर नगर क्षेत्र में एवं पृथ्वीराज नगर (उत्तर) में ड्रेनेज के लिए डीपीआर कार्य प्रक्रियाधीन है। जेडीए ने 100 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से सीवरलाइन कार्य कराए हैं। नेवटा, सांझरिया, गजाधरपुरा, पृथ्वीराज नगर (दक्षिण) एवं सांगानेर औद्योगिक क्षेत्र में कार्य प्रगतिरत है।
जयपुर के लिए नई परियोजनाएं
श्री खर्रा ने बताया कि जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अटल विहार आवासीय योजना (284 भूखंड), गोविंद विहार आवासीय योजना (202 भूखंड) और पटेल नगर आवासीय योजना (220 भूखंड) उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि ओटीएस चौराहे पर फ्लाईओवर, रिद्धी-सिद्धी चौराहे पर एलिवेटेड रोड, अपेक्स सर्किल से जगतपुरा बालाजी तिराहा एलिवेटेड, झोटवाड़ा आर.ओ.बी. से खातीपुरा आर.ओ.बी. तक एलिवेटेड निर्माण पर लगभग 300 करोड़ रूपए व्यय किए जाएंगे। इसके साथ ही, यातायात व्यवस्था में सुधार पर 250 करोड़ रूपए, सेक्टर रोड निर्माण पर 300 करोड़ रूपए से अधिक राशि व्यय की जाएगी। पर्यावरण सुधार के लिए स्वर्ण जयंती पार्क एवं द्रव्यवती नदी के अपग्रेडेशन कार्य पर 75 करोड़ व्यय करेंगे।
मेट्रो का विस्तार, सुगम होगा आवागमन
श्री खर्रा ने कहा कि जयपुर मेट्रो के फेज 2 को गति देते हुए केंद्र सरकार के साथ संयुक्त उद्यम में स्थापित राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से 12 हजार करोड़ रूपए की लागत से सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र से अम्बाबाड़ी एवं विद्याधर नगर (टोडी मोड़ तक) के कार्य कराया जाना प्रस्तावित किया गया है। डीपीआर तैयार करने के लिए यातायात और परिवहन सलाहकार को नियुक्त कर लिया गया है। साथ ही, जगतपुरा एवं वैशाली नगर क्षेत्रों में मेट्रो विस्तार के लिए डीपीआर बनवाई जा रही हैं।
नवीन आवासों का निर्माण शुरू
नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि राजस्थान आवासन मंडल ने लगभग 750 नवीन आवासों का कार्य प्रारंभ किया है। साथ ही, 1 हजार 850 आवंटियों को निर्मित आवासों का कब्जा सौपा गया है। विभिन्न शहरों में 12 आवासीय योजनाओं में विभिन्न श्रेणियों के लगभग 3 हजार से अधिक आवासों की नई पंजीकरण योजनाएं प्रारम्भ की जा चुकी हैं। इस बजट वर्ष में भी लगभग 1 हजार नवीन आवासों के निर्माण के लिए घोषणा की गई है।
श्री खर्रा ने कहा कि अजमेर में विकास प्राधिकरण द्वारा 34 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विभिन्न कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। जोधपुर में विकास प्राधिकरण द्वारा दिसम्बर 2023 से आज तक लगभग 478.12 करोड़ रूपए के कार्य की स्वीकृतियां जारी की गई हैं।
नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि आरयूआईडीपी के अंतर्गत 12 शहरों में 3 हजार 930 करोड़ रूपए के कार्य कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना के तहत 83 हजार पथ विक्रेताओं को 105 करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता दी गई है। हमारे प्रयासों से स्मार्ट सिटी मिशन के क्रियान्वयन में राज्य देश में दूसरे स्थान पर है।
अनियमितताओं की जांच, होगी कार्रवाई
श्री खर्रा ने कहा कि गत सरकार द्वारा 13 लाख से अधिक पट्टे वितरित किए गए। इसमें विभिन्न अनियमितताएं सामने आई हैं। इसकी जांच कर 21 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि गत सरकार में विभिन्न शहरों में एफएसटीपी कार्यों में 1 हजार 174 करोड़ रूपए के घोटाले की जांच के लिए 18 फरवरी 2025 को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
रिवर फ्रंट घाटे का सौदा
श्री खर्रा ने कहा कि चम्बल रिवर फ्रंट के रख-रखाव में प्रतिमाह 2 करोड़ रूपए व्यय हो रहे हैं, जबकि प्रतिमाह आय आधी ही है। ज्यादातर दुकानों का भी आवंटन नहीं हो सका। इससे कोटा विकास प्राधिकरण को हर माह भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। पर्याप्त पौधारोपण नहीं होने से पर्यटकों को गर्मी में परेशानी हो रही है। यह घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
मास्टर प्लान पर कार्य शुरू
श्री खर्रा ने कहा कि गत सरकार द्वारा 103 से अधिक स्वीकृत नगरपालिकों के लिए मास्टर प्लान तैयार नहीं किया गया था। हमारी सरकार ने जनहित देखते हुए प्रथम चरण में 38 नगरपालिकों के मास्टर प्लान के लिए 1 करोड़ 07 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। शीघ्र कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जयपुर और उदयपुर का चयन आवासन एवं शहरी मंत्रालय द्वारा सिटीज 2.0 चैलेंज में हुआ है, जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार से 100 करोड़ रूपए का लोन स्वरूप अनुदान प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि पीएम ई-बस सेवा में राजस्थान में 675 बसें मिलेगी।