Jaipur: बंधक श्रमिक सर्वेक्षण, मुक्ति व पुनर्वास कार्यों में लाएं प्रगति
Jaipur जयपुर । बन्धक श्रमिक सर्वेक्षण मुक्ति एवं पुर्नवास के सम्बन्ध में जिला स्तरिय बन्धक श्रमिक सर्तकता समिति की बैठक अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर (दक्षिण) श्री संतोष कुमार मीणा की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि बन्धक श्रमिक सर्वेक्षण मुक्ति व पुर्नवास के कार्य में सभी सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रगति लाएं और मुक्त करवाएं हुए बाल श्रमिकों के नियोजकों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाकर अपराध प्रमाणित होने पर दोषियों के खिलाफ उचित दण्डात्मक कार्यवाई की जाए।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर (दक्षिण) द्वारा निर्देशित किया कि बाल श्रम संभावित फैक्ट्रियों तथा ईंट भट्टों मालिकों के साथ समझाइश तथा जाग्रति पैरा की जाये। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि प्रार्थना सभा एवं बाल सभा में बाल श्रम के बारे विद्यार्थियों को जागरूक किया जाये।
बैठक में संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त, जयपुर द्वारा अवगत कराया गया कि पुलिस विभाग, चाईल्ड लाईन, स्वयंसेवी संस्थाओं व श्रम विभाग के समन्वित प्रयास से वर्ष 2024 में कुल 240 तथा माह जनवरी 2025 से जुलाई तक 131 बाल श्रमिकों को मुक्त करवाया गया।
संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त, जयपुर द्वारा यह भी अवगत करवाया गया कि न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत माह जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक 28 दावे व वेतन भुगतान अधिनियम के तहत माह जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक 11 दावे प्राप्त हुए हैं।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला द्वारा बताया गया कि बाल श्रमिकों के मामले में एफआईआर दर्ज होने के पश्चात् न्यायालय में विचारण के स्तर पर जब बाल श्रमिक को पेश किया जाता है तो अधिकांश मामलों में वह पक्ष द्रोही घोषित हो जाता है, जिसके कारण अभियुक्त को सजा नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में पुलिस विभाग को सुझाव दिया गया कि स्वतंत्र साक्षियों के बयान हेतु धारा-164 में संबंधित उपखण्ड अधिकारी के समक्ष दर्ज करवायें, जिससे ऐसी स्थिति उत्पन्न ना हो और अभियुक्त को सजा मिल सकें। बैठक में श्रम विभाग, पुलिस विभाग, शिक्षा, चिकित्सा, रेल्वे, बाल अधिकारिता, सी.डब्ल्यू.सी के अधिकारी उपस्थित रहे।