Jaipur जयपुर: भाजपा नेता राजेंद्र राठौर ने कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के राजस्थान सरकार के बजटीय प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों को निराधार और असंगत बताया। राठौर ने कहा कि गहलोत को इस मुद्दे पर कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए भी पिछले दो सालों में विधानसभा में एक भी बार सक्रिय भूमिका नहीं निभाई। राठौर ने आगे कहा कि जो लोग यह तक नहीं जानते कि राजस्थान में वित्तीय प्रबंधन किस प्रकार का है, वे आरोप लगाने से पहले तथ्यों और आंकड़ों का अध्ययन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार के बजटीय प्रावधान की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक बजट का प्रावधान किया है, जो राज्य की आर्थिक प्रगति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि राजस्थान में प्रति व्यक्ति आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जो दर्शाता है कि राज्य अब खुशहाल और प्रगतिशील दिशा में अग्रसर है। उन्होंने यह तर्क पेश किया कि गहलोत के समय में अकसर सरकार के अस्तित्व और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहे, जिसकी वजह से उन्हें लगता है कि सरकार दिखाई नहीं देती। राजेंद्र राठौर ने यह भी जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन, बजट वृद्धि और आर्थिक स्थिरता पर केंद्रित है। उनके अनुसार, यह स्पष्ट संकेत है कि राजस्थान की जनता अब स्थिर और विकासोन्मुख शासन का अनुभव कर रही है, जो राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा दे रहा है।
भाजपा नेता ने गहलोत के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार देते हुए कहा कि वास्तविक तथ्यों और आंकड़ों की समीक्षा से पता चलता है कि राजस्थान में विकास और बजटीय सुधार तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की वित्तीय और सामाजिक नीतियां जनता के हित में लागू की जा रही हैं और इससे राजस्थान की जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। राजेंद्र राठौर की यह टिप्पणी अशोक गहलोत के बजटीय प्रबंधन पर आरोपों के जवाब में आई है और इसे भाजपा की राजनीतिक और आर्थिक सुधारों की पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।