Jaipur: अधिकारों के साथ साथ कर्तव्यों के प्रति भी रहें सजगः शासन सचिव, पशुपालन
Jaipur जयपुर । पशुपालन, गोपालन एवं मत्स्य विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का नया रजिस्ट्रेशन एक सितंबर से शुरू करने के लिए पूरी तैयारी रखें। डॉ. शर्मा ने मंगलवार को पशुधन भवन के सभागार में आयोजित बैठक में कहा कि पिछले बजट की घोषणाओं को पूरा करने में जिस तैयारी और तत्परता से काम हुआ है, वही तैयारी वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं को पूरा करने में दिखानी होगी, तभी हम समय पर अपने लक्ष्य को पूरा कर सकेंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की प्रगति को प्राथमिकता देते हुए विभाग की समस्त योजनाओं को सफल बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और आगामी माह में किए जाने वाले कार्यों की तैयारियों के विषय में अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत वर्ष 2024-25 के लक्ष्य को आगामी 31 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश देते हुए एक सितंबर से नए पंजीकरण शुरू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कम प्रगति वाले जिलों के प्रभारियों कोे इस दिशा में अधिक प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, सेक्स सॉर्टेड सीमन, एमवीयू कॉल सेंटर तथा चैटबॉट, उष्ट्र संरक्षण योजना, पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, निःशुल्क आरोग्य योजना नवीन पशु चिकित्सा केंद्रों के लिए भूमि की उपलब्धता, केपीआई आधारित प्रगति आदि विषयों पर प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
डॉ शर्मा ने विधानसभा के प्रश्नों के उत्तर आश्वासन आदि के निस्तारण के लिए विभाग के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि निदेशालय के अधिकारी कार्य की गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि नवीन पशु चिकित्सा उप केंद्रों के लिए जमीन की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है और इसके लिए हम सभी को बहुत प्रतिबद्ध होकर काम करना होगा। डॉ. शर्मा ने इसके लिए जिलेवार सूची बनाकर प्रथमिकता तय करते हुए काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सेक्स सॉर्टेड सीमन लैब की स्थापना के लिए भी प्रयास तेज करने पर बल दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि जिलों में उपकरणों का उचित रखरखाव और उपयोग तथा दवाइयों के संधारण की व्यवस्था सही नहीं है, इसके लिए निदेशालय स्तर से निगरानी और प्रबोधन बहुत आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए एक अधिकारी की नियुक्ति के साथ साथ जिला प्रभारियों को महीने में एक बार अपने जिले में दौरा का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
शासन सचिव ने अधिकारियों से अनुशासन एवं समयबद्धता की पालना करते हुए निष्ठापूर्वक अपने अधिकारों के साथ साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहते हुए कार्य करने को कहा जिससे विभाग एक नई ऊंचाई प्राप्त कर सके।
बैठक में निदेशक डॉ आनंद सेजरा, अतिरिक्त निदेशक डॉ सुरेश मीना, डॉ प्रवीण सेन, डॉ विकास शर्मा, वित्त सलाहकार श्री मनोज शांडिल्य तथा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिलों के लिए मनोनीत नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।