बदलते परिवेश में संस्कार ही जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला है: Balraj Acharya

Update: 2026-01-21 18:22 GMT
Bhilwara, भीलवाड़ा। भारत विकास परिषद, नेताजी सुभाष शाखा द्वारा सर्वाेदय शिक्षण संस्थान माध्यमिक विद्यालय, संजय कालोनी में बालिकाओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय आत्मरक्षा शिविर संपन्न हुआ। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा मां भारती एवं युगपुरुष स्वामी विवेकानंद को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर प्रशिक्षिका विनीता तापड़िया द्वारा आत्मरक्षा हेतु बताए गए उपायों को दोहराते हुए कहा कि जीवन में स्वयं से बड़ा भरोसा किसी का नहीं हो सकता, ऐसे में हमारे आत्मबल को सशक्त करना होगा, इस हेतु आत्मरक्षा के उपाय जीवन में कारगर सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में आमंत्रित बच्चों के अभिभावकों एवं बच्चों के मध्य संस्कार विषय पर मुख्य उद्बोधन पूर्व राष्ट्रीय मंत्री (संस्कार) बलराज आचार्य द्वारा दिया गया। अपने उद्बोधन में बताया कि बदलते परिवेश में संस्कार ही जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला है। जीवन की प्रथम पाठशाला की गुरु मां होती है वहीं से संस्कार का बीजारोपण होता है ऐसे में संस्कार को जीवित रखने के लिए परिवार का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। ऐसे में हमें परिवार के सदस्यों में संवाद को सजीव करना होगा जिससे संगठित परिवार द्वारा स्वस्थ समाज एवं सशक्त राष्ट्र निर्माण हो सकेगा। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षिका श्रीमती विनीता तापड़िया का शाल व ऊपरना ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। विद्यालय निदेशक अनिल बांगड़, प्राचार्य वैभव बांगड़ एवं अवनीश बांगड़ का तिलक, ऊपरना द्वारा अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मधु लढा, सुनीता नराणीवाल, आशा दरगड़, यशोदा शर्मा एवं कई सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में शाखा सचिव कैलाश शर्मा द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
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