Ganganagar गंगानगर । राजस्थान निराव्यसन केन्द्र संचालन नियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति, मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की समीक्षात्मक बैठक बुधवार को जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में हुई। इस दौरान जिला कलक्टर ने विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत आमजन को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करें और ई-शपथ दिलवाएं।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के भुगतान की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि संबधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। राजस्थान निराव्यसन केन्द्र संचालन नियम 2020 के अंतर्गत जिले में जारी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि नशामुक्ति के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिये ई-शपथ के क्यूआर कोड को मुख्य स्थानों पर चस्पा करवाया जाए। राजकीय जिला चिकित्सालय के नशा मुक्त वार्ड में वॉल पेंटिंग के जरिये नशा छोडने वालों को नशा मुक्ति का संदेश दिया जाये।
इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक श्री विरेन्द्र पाल ने मुख्यमंत्री पुनर्वास योजना के संबंध में अवगत करवाते हुए गृह संचालन हेतु संस्था के चयन हेतु प्राप्त प्रस्तावों की जानकारी दी। बजट घोषणा के तहत जिला मुख्यालय पर बेघर, वृद्धजन, कामकाजी महिलाओं एवं असहाय/निराश्रितों के लिये मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह राजकीय भवन में संचालित किया जा रहा है। नशा मुक्त केन्द्रों के लाइसेंस नवीनीकरण एवं नये लाइसेंस हेतु प्राप्त आवेदनों पर विचार विमर्श किया गया।
बैठक में एडीएम सतर्कता श्रीमती रीना, गंगानगर एसडीएम श्री रणजीत कुमार, नगरपरिषद आयुक्त श्री दीपक चंदन, श्री विष्णु खत्री, श्री राजीव जाखड़, डॉ. दीपक मोंगा, श्री मंगत सेतिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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