प्रतापगढ़ । जिला कलक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया ने जिले में छात्रावासों में व्यवस्थाओं के सुधार के लिए बुधवार को औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जहां अव्यवस्थाओं पर रोष जताते हुए संबंधितों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए वहीं अच्छी व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर डॉ राजोरिया जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग प्रतिभावान छात्रावास प्रतापगढ़ एवं एकलव्य आवासीय छात्रावास टिमरवा पहुंची। उन्होंने वहां पर बालिकाओं से संवाद कर मीनू के अनुसार अल्पाहार और भोजन मिलने के बारे में जाना। साथ ही छात्रावास में बिजली, पानी, पेयजल, शौचालय, खाद्य सामग्री की उपलब्धता, साफ-सफाई, शैक्षिक एवं सहशैक्षिक गतिविधियां सहित अन्य व्यवस्थाओं की भी विस्तारपूर्वक जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने संबंधित छात्रावास अधीक्षकों को रात्रि को भी छात्रावास में ही रहना सुनिश्चित करने, अवकाश पर जाने की स्थिति में उच्चाधिकारियों को सूचित करने, चौकीदार की उपस्थिति सुनिश्चित करने, सुरक्षा व्यवस्थाओं को चाक-चौकबंद करने, छात्रावास में दिये जाने वाली समस्त व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, मीनू अनुसार गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध करवाने के साथ ही शैक्षिक एवं सहशैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से शैक्षिक स्तर उन्नयन करने के निर्देश प्रदान किये।
प्रतिभावान छात्रावास प्रतापगढ़ में निरीक्षण के दौरान उन्होंने भंडार गृह में खाद्य सामग्री का अवलोकन करते हुए संधारित रजिस्टर की भी जांच की जिस पर आटा कुछ मात्रा में कम पाया गया। अधीक्षक ने बताया कि अन्य छात्रावास में आवश्यकता होने पर इश्यू किया गया था लेकिन इसकी किसी रजिस्टर में संधारण नहीं होने की स्थिति में जिला कलक्टर ने जांच कर नोटिस देने के निर्देश प्रदान किए।
अधिकारी भी कर रहे है औचक निरीक्षण :
जिला कलक्टर के साप्ताहिक समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में जिला स्तरीय अधिकारी भी छात्रावासों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में तहसीलदार अरनोद ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के बालिका छात्रावास अरनोद का औचक निरीक्षण किया, छात्रावास में मौके पर चौकीदार और रसौइया मौके पर उपस्थित पाए गए। उन्होंने रसौइये से अल्पाहार और भोजन की जानकारी ली और इसके साथ ही साफ सफाई, शौचालय की साफ सफाई, सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। चौकीदार ने बताया की छात्रावास अधीक्षक के पास अतिरिक्त चार्ज है। इस हेतु सामाजिक न्याय एवम अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ने बताया की जिला कलेक्टर ने बालिका छात्रावास,अरनोद का चार्ज महिला अध्यापिका को सौंपने के निर्देश दिए है। इसी क्रम में आईसीडीएस उपनिदेशक संगीता कुमारी ने रानी देवली मीणा प्रथम एवं द्वितीय बालिका जनजातीय छात्रावासों, रानी देवली मीणा बालिका जनजातीय छात्रावास लुहारिया का रात्रिकालीन औचक निरीक्षण किया। छात्रावास देवगढ़ में वार्डन अनुपस्थित पाई गई। उन्होंने छात्रावास में बालिकाओं से व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की जिस पर बालिकाओं ने बताया कि भोजन मेनू अनुसार नहीं मिलता है व बिजली की भी समस्या रहती है उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, बिजली और खिड़की दरवाजे टूटे होने के बारे में जानकारी दी। इसी तरह से उन्होंने बताया की रानी देवली मीना द्वितीय देवगढ़ छात्रावास के औचक निरीक्षण के दौरान वार्डन उपस्थित पाई गई लेकिन वहां पर पेयजल साफ सफाई वह पर्याप्त मात्रा में पंखे ना होने की जानकारी मिली व यह पाया गया कि छात्रावास में और कमरों की आवश्यकता है, जिसकी रिपोर्टिंग जिला कलेक्टर को कर दी गई है। इसी तरह से रानी देवली मीना बालिका जनजाति छात्रावास लुहारिया में रसोईघर व बाथरुम साफ पाए गए लेकिन अलमारी की कमी पाई गई।
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