Rajasthan राजस्थान: राजधानी जयपुर में घूमर महोत्सव 2025 का आयोजन धूमधाम से किया गया, जिसमें राज्य की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी भी शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने महिला प्रतिभाओं और लोक संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। दीया कुमारी ने कहा कि इस महोत्सव में बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई हैं, जो राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और विरासत को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि घूमर महोत्सव जैसी पहलों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि हमारी लोक परंपराओं और नृत्यों का संरक्षण नई पीढ़ी तक पहुंच सके।
उपमुख्यमंत्री ने महोत्सव की महत्वता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजस्थान सरकार और पर्यटन विभाग इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से लोकनृत्यों और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग ने इस पहल को इस साल से शुरू किया है और इसे भविष्य में हर साल आयोजित किया जाएगा। दीया कुमारी ने कहा, "अलग-अलग तरह के लोकनृत्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। घूमर महोत्सव न केवल महिलाओं के लिए मंच प्रदान करता है बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाता है।"
इस अवसर पर हजारों दर्शक महोत्सव का आनंद लेने पहुंचे। महोत्सव में राजस्थान के पारंपरिक घूमर नृत्य, कालबेलिया, कच्ची घुमर और अन्य लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए, जिन्हें देखकर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साह व्यक्त किया। दीया कुमारी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन राजस्थान के पर्यटन को बढ़ावा देने में भी सहायक होंगे। उन्होंने स्थानीय कलाकारों और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी कला और संस्कृति को जीवित रखें और नई पीढ़ी में इसका प्रचार-प्रसार करें।
इस तरह का महोत्सव राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और लोगों में कला के प्रति रुचि बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। राजस्थान सरकार की ओर से इस महोत्सव को और व्यापक बनाने और राज्य की समृद्ध संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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