जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को ‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।राजस्थान सरकार का ‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ 17 सितंबर से शुरू हुआ है और 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। राज्य सरकार के आधिकारिक अभियान पोर्टल पर भी यही अवधि दर्ज है। अभियान के तहत राज्य, जिला, ब्लॉक, नगर निकाय, ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जनसमस्याओं के समाधान पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि आम लोगों की समस्याओं को केवल दर्ज करने तक प्रक्रिया सीमित नहीं रहनी चाहिए। शिकायतों का वास्तविक और समयबद्ध समाधान होना चाहिए।सरकार की कोशिश अभियान के माध्यम से प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संपर्क बढ़ाने की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनसुनवाई और शिकायत निवारण से जुड़े मामलों पर लगातार निगरानी रखी जाए और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में अनावश्यक देरी न हो।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से फील्ड स्तर पर सक्रिय रहने और लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा।
सड़क और पेयजल जैसी सुविधाओं पर विशेष नजर
बैठक में राज्य की बुनियादी नागरिक सुविधाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के दैनिक जीवन से सीधे जुड़ा बताते हुए इन क्षेत्रों में शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खराब सड़कों, पेयजल आपूर्ति में परेशानी, बिजली से संबंधित शिकायतों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जैसे मामलों पर स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई की जाए।राजस्थान सरकार अपने दीर्घकालिक ‘विकसित राजस्थान’ विजन में भी बुनियादी ढांचे, जीवन की गुणवत्ता, नागरिक सुविधाओं, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सुशासन को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करती रही है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को योजनाओं और सेवाओं की केवल कागजी समीक्षा करने के बजाय जमीनी स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए।उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब उनका लाभ पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। इसके लिए जिला प्रशासन से लेकर स्थानीय निकाय और ग्राम पंचायत स्तर तक समन्वय जरूरी है।अधिकारियों से शिकायतों की नियमित समीक्षा करने और लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान के लिए प्राथमिकता तय करने को भी कहा गया।
17 सितंबर से चल रहा अभियान
‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर को हुई थी। राजस्थान सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार इसका समापन 17 अक्टूबर को होगा। अभियान में अलग-अलग स्तरों पर कार्यक्रमों को दर्ज करने और उनकी निगरानी के लिए डिजिटल व्यवस्था भी बनाई गई है।आधिकारिक पोर्टल पर राज्य, जिला, ब्लॉक, नगर निकाय, ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। अधिकृत सरकारी अधिकारी RajSSO के माध्यम से कार्यक्रमों की जानकारी और तस्वीरें दर्ज कर सकते हैं। नागरिक मोबाइल नंबर और OTP के माध्यम से अभियान से संबंधित जानकारी देख सकते हैं।इस व्यवस्था का उद्देश्य अभियान की गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने के साथ विभिन्न स्तरों पर हो रहे कार्यक्रमों की निगरानी करना है।
जनभागीदारी को अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश
अभियान में केवल सरकारी विभागों की गतिविधियों पर ही नहीं बल्कि जनभागीदारी पर भी जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार इसे नागरिकों को सार्वजनिक कार्यक्रमों और सेवा गतिविधियों से जोड़ने की पहल के रूप में पेश कर रही है।मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर को अभियान के तहत युवाओं के साथ संवाद भी किया था। उस दौरान उन्होंने युवाओं को ‘विकसित भारत’ के संकल्प में भागीदारी करने का आह्वान किया था। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार सरकार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे अभियान के दौरान विभिन्न वर्गों को राष्ट्र निर्माण और जनसेवा की गतिविधियों से जोड़ रही है।
युवाओं की भागीदारी पर भी फोकस
राज्य सरकार अभियान में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बता रही है। 17 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में भजनलाल शर्मा ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा था कि युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।उन्होंने युवाओं से अपने सुझाव साझा करने को भी कहा था। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक सरकार आगामी बजट में ‘यूथ बजट’ लाने की तैयारी कर रही है और इस संबंध में युवाओं से सुझाव लिए गए हैं।
योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर
सरकार का फोकस इस बात पर है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचे। कई बार पात्र नागरिक जानकारी या प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण योजनाओं का लाभ समय पर नहीं ले पाते। ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।अभियान के आधिकारिक पोर्टल पर कार्यक्रमों को अलग-अलग प्रशासनिक स्तरों के अनुसार दर्ज करने की व्यवस्था इसी निगरानी तंत्र का हिस्सा है। सरकार का कहना है कि नागरिकों का भरोसा विकसित राजस्थान के निर्माण के लिए जरूरी है।
विकसित भारत 2047 से जोड़ा अभियान
राजस्थान सरकार ने अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति को राष्ट्रीय ‘विकसित भारत’ लक्ष्य के साथ जोड़ रखा है। राज्य की आर्थिक समीक्षा में ‘विकसित राजस्थान @2047’ को राष्ट्रीय विकसित भारत की आकांक्षा के अनुरूप बताया गया है। इसमें आर्थिक विकास के साथ निवेश, बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन, कौशल, रोजगार और संतुलित क्षेत्रीय विकास पर जोर दिया गया है।इसी व्यापक लक्ष्य के बीच एक महीने तक चलने वाले जन सेवा अभियान को प्रशासनिक सेवा वितरण और नागरिक भागीदारी से जोड़कर चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने मांगी प्रभावी मॉनिटरिंग
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अभियान के दौरान सामने आने वाली शिकायतों और समस्याओं की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि सरकारी कार्यक्रमों का असर जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए।17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में विभिन्न सरकारी विभागों और प्रशासनिक इकाइयों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। सरकार के सामने चुनौती यह सुनिश्चित करने की होगी कि अभियान में दर्ज शिकायतों का समय पर समाधान हो और सड़क, बिजली, पानी तथा स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं में नागरिकों को वास्तविक सुधार दिखाई दे।
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