Bundi बूंदी । स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा हैं। जिसके तहत जिला परिषद और नगर परिषद के संयुक्त तत्वावधान में गुरूवार को अहिंसा सर्किल पर श्रमदान हुआ। प्रधानमंत्री के "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत शहर के ऐतिहासिक रानी जी की बावड़ी परिसर में भी एक घंटे का विशेष श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर आम नागरिकों तक ने उत्साह के साथ भाग लिया और स्वच्छता का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह होते ही हुआ, जब जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद आयुक्त, शिक्षा विभाग के अधिकारी और अन्य विभागों के अधिकारीगण व कर्मचारीगण हाथों में झाड़ू और सफाई के उपकरण लेकर रानी जी की बावड़ी परिसर में एकत्रित हुए। अधिकारियों को अपने बीच श्रमदान करते देख स्थानीय नागरिकों और युवाओं का जोश भी दोगुना हो गया। सभी ने मिलकर बावड़ी के आसपास के क्षेत्र से कचरा उठाया, झाड़ू लगाकर सफाई की और पूरे परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अपना योगदान दिया। इस एक घंटे के श्रमदान ने यह साबित कर दिया कि जब नागरिक और प्रशासन एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं हैं।
इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा ने कहा कि, "स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया हैं। यह सामूहिक श्रमदान 'जनभागीदारी' की शक्ति का प्रतीक हैं। हम सभी का प्रयास बूंदी के हर नागरिक को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर इसे उनकी आदत में शामिल करना हैं।नगर परिषद आयुक्त ने भी अपने संबोधन में कहा, "हमारा शहर हमारी पहचान हैं। इसे स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के माध्यम से हम यह संदेश हर घर तक पहुंचाना चाहते हैं और बूंदी को प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्कूली छात्रों की भागीदारी भी सराहनीय रही। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने स्वच्छता की शपथ भी दिलाई।