जयपुर: राजस्थान के नगर निगम महापौर चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। प्रदेश के 10 नगर निगमों में से 9 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी महापौर बने हैं, जबकि कांग्रेस को केवल बीकानेर नगर निगम में सफलता मिली है। 25 सितंबर को जयपुर, जोधपुर और कोटा में हुए महापौर चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। जयपुर में भाजपा के सुनील कोठारी, जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता और कोटा में अनुसुईया गोस्वामी महापौर निर्वाचित हुए। इन तीनों नगर निगमों के नतीजों के साथ ही राजस्थान के सभी 10 नगर निगमों में महापौर की तस्वीर साफ हो गई।
इससे पहले अजमेर, अलवर, पाली और उदयपुर में भी भाजपा प्रत्याशियों ने महापौर पद हासिल किया था। भरतपुर और भीलवाड़ा में भाजपा की उम्मीदवार निर्विरोध महापौर चुनी गई थीं। वहीं बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने जीत दर्ज की। इस तरह भाजपा के महापौर जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, अलवर, उदयपुर, पाली, भरतपुर और भीलवाड़ा में हैं।
जयपुर में सुनील कोठारी की जीत
जयपुर नगर निगम में भाजपा के सुनील कोठारी महापौर बने। नतीजे के बाद कोठारी ने शहर की स्वच्छता, ऐतिहासिक परकोटे के संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को अपनी प्राथमिकताओं में बताया। उन्होंने विपक्ष को साथ लेकर शहर के विकास के लिए काम करने की बात भी कही।
जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता बने महापौर
जोधपुर नगर निगम में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता ने महापौर पद पर जीत दर्ज की। उपलब्ध नतीजों के अनुसार मेहता को 53 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी को 47 वोट मिले। जीत का अंतर छह मतों का रहा।
कोटा में अनुसुईया गोस्वामी की जीत
कोटा नगर निगम में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी महापौर निर्वाचित हुईं। उन्हें 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता सुमन को 35 मत प्राप्त हुए। इस तरह भाजपा प्रत्याशी ने 30 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। राजस्थान के सात नगर निगमों के महापौर पद के नतीजे पहले ही सामने आ चुके थे। इनमें भाजपा ने छह और कांग्रेस ने एक महापौर पद जीता था। इसके बाद 25 सितंबर को जयपुर, जोधपुर और कोटा के चुनाव हुए और तीनों में भाजपा की जीत के साथ पार्टी के महापौरों की संख्या नौ हो गई। बीकानेर ऐसा एकमात्र नगर निगम रहा जहां कांग्रेस अपना महापौर बनाने में सफल रही। इस प्रकार अंतिम आंकड़ा भाजपा के नौ और कांग्रेस के एक महापौर का रहा।
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