भरतपुर: वैर ब्लॉक के हलेना क्षेत्र की तिरंगा राजीविका महिला सर्वांगीण विकास समिति से जुड़ी करीब पांच दर्जन महिलाओं ने मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में किए गए सफाई कार्य की दो माह से लंबित मजदूरी जल्द दिलवाने की मांग की।

महिलाओं ने बताया कि राजीविका की इन महिला श्रमिकों और ग्राम पंचायत के बीच क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से एक वर्ष का एमओयू हुआ था, जिसके तहत महिलाओं को सफाई कार्य सौंपा गया। महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी से किया, लेकिन अब दो माह बीत जाने के बावजूद उन्हें मेहनताना नहीं दिया गया है।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रशासक और विकास अधिकारी अब उनके कार्यों में मनमानी रूप से कमियां निकालकर भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि यह कार्य सरकार की एक बेहतरीन योजना के तहत किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण और ग्राम स्तर पर स्वच्छता को बढ़ावा देने का उद्देश्य था। लेकिन भुगतान अटकने से महिलाओं का मनोबल टूट रहा है।

महिलाओं ने प्रशासन से आग्रह किया कि एक बार किए गए कार्यों का मौके पर निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति देखी जाए और उसके आधार पर मजदूरी का शीघ्र भुगतान करवाया जाए।

ज्ञापन देने के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं, जिनमें समिति की सदस्याएं, समुह की संचालिकाएं और फेडरेशन से जुड़ी अन्य महिलाएं शामिल थीं। सभी ने एक स्वर में मांग की कि उनके द्वारा किए गए परिश्रम की उपेक्षा न की जाए और उनकी न्यायोचित मांग को गंभीरता से लिया जाए।

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