Alwar: जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा बैठक
Alwar अलवर । जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला की अध्यक्षता में आज कलक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन की पहल के तहत जिले में संचालित किए जा रहे जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
जिला कलक्टर ने जिले में सतत रूप से गिरते हुए भूजल स्तर में सुधार लाए जाने तथा प्राकृतिक जल स्त्रोतों के संरक्षण व संवर्धन हेतु संचालित ‘जल संचय जन भागीदारी’ पहल की समीक्षा कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए इस अभियान का सफल क्रियान्वयन करावे। उन्होंने इस अभियान के नोडल अधिकारी अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय को निर्देशित किया कि संबंधित विभागों की सतत मॉनिटरिंग करें।
26 जनवरी तक बनेगा सभी ग्राम पंचायतों का जल संरक्षरण प्लान
उन्होंने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिये कि जिले की सभी 294 ग्राम पंचायतों का जल संरक्षण प्लान 26 जनवरी तक तैयार कराकर भिजवाए। उन्होंने निर्देश दिये कि ग्राम पंचायत का प्लान ग्राम पंचायत (पंचायती राज), जल संसाधान और कृषि विभाग मिलकर तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिये कि प्लान की रूपरेखा इस प्रकार तैयार करें जिसमें ग्राम पंचायत में होने वाली बारिश, जल स्तर, ग्राम पंचायत की आबादी के लिए पेयजल की आवश्यकता, पेयजल के उपलब्ध संसाधन, जल संरक्षण के उपलब्ध स्त्रोत एवं आवश्यकता आदि का पूर्ण विवरण रहे।
229 अमृत सरोवरों में बनेंगे रिचार्ज साफ्ट स्ट्रक्चर
उन्होंने निर्देश दिये कि जिले की ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर वृद्धि हेतु प्रथम चरण में उन ब्लॉकों को शामिल कर अमृत सरोवरों में 2-2 वाटर रिचार्ज साफ्ट स्ट्रक्चर बनवाए इसके लिए मनरेगा व एसएफसी फण्ड का उपयोग करने के साथ-साथ जन सहभागिता का भी सहयोग लेवे। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रथम चरण में राजगढ, लक्ष्मणगढ, रैणी, कठूमर, थानागाजी ब्लॉक के 229 अमृत सरोवरों में यह कार्य 31 मई तक पूर्ण करावे। इसी प्रकार उन्होंने निर्देश दिये कि चिन्हित 141 सरकारी स्कूलों में रूफटॉफ वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तैयार करावे। उन्होंने निर्देश दिये कि एमजेएसए 0.2 के तहत स्वीकृत सभी 404 कार्य गुणवत्ता के साथ 31 मई तक पूर्ण करावे।
जिले की प्राचीन बावडियों का होगा जीर्णोद्धार
उन्होंने निर्देश दिये कि जिले के सभी ब्लॉकों में प्राचीन बावडियों को चिन्हित कर उनका जीर्णोद्धार कार्य करावे। उन्होंने प्रथम चरण में राजगढ में 2 बावडियां, मालाखेडा व लक्ष्मणगढ में एक-एक बावडियों का 31 मई तक जीर्णोद्धार करावे। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में 5-5 रूफटॉफ वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर चिन्हित कर तैयार कराए। उन्होंने निर्देश दिये कि नरेगा व संबंधित विभागों के तहत गांवों में प्रगतिरत सभी 835 जल संरक्षण संरचनाओं के कार्यों को 31 मई तक पूर्ण करावे तथा 79 कार्यों को यथाशीघ्र प्रारम्भ करावे। उन्होंने डीएफओ को निर्देश दिये कि एमजेएसए के तहत प्रगतिरत कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करावे।
नियमानुसार शहर के सभी निजी भवनों में एक माह में बनेंगे रूफटॉफ वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर
जिला कलक्टर ने यूआईटी सचिव को निर्देश दिये कि शहर में चिन्हित किए गए 251 निजी भवन मालिकों से भवन विनियमों की पालना कराते हुए एक माह में रूफटाफ वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनवाना सुनिश्चित करावे तथा नियमों के दायरे में आने वाले शेष निजी भवनों का 31 जनवरी तक सर्वे कराकर एक माह में रूफटॉफ वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनवाए। साथ ही जिन भवनों में ये स्ट्रक्चर नहीं बने हुए तो उन्हें भवन विनियमों के अधीन बनवाना सुनिश्चित करें। साथ ही जो स्ट्रक्चर बने हुए हैं लेकिन खराब स्थिति में है उन्हें दुरूस्त करवाए। उन्होंने निर्देश दिये कि शहर में यूआईटी द्वारा कराए जा रहे जल संरक्षण के कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करें तथा वैशाली नगर व अम्बेडकर नगर के आसपास जल प्रवाह क्षेत्र सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में जल संरक्षण के नवीन कार्यों के प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिये कि नवीन सडकों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार करते समय उसमें नाली निर्माण का प्रावधान रखे।
शहर के भूजल स्तर सुधार हेतु नगर निगम बनाएगा एनीकट
उन्होंने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिये कि शहर के भूजल स्तर में सुधार हेतु प्रताप बंध, भूरासिद्ध व जरख वाला नाला में एनीकट निर्माण की तकनीकी स्वीकृति लेकर आगामी चार माह में कार्य पूर्ण करावे। उन्होंने रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिये कि शहर में स्थित सेठ की बावडी व करौली कुण्ड की बावडी का जीर्णोद्धार सीएसआर फण्ड से कराने हेतु प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने यूआईटी सचिव व नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिये कि शहर में मिनी एसटीपी बनाने का प्रस्ताव तैयार करें तथा एसटीपी के ट्रीटेड पानी के उपयोग की भी कार्य योजना बनाए।
उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिये कि आगामी दो वर्षों में शेष रहे 119 चिकित्सा संस्थानों में रूफटॉफ वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनवाए तथा यह भी सुनिश्चित करावे कि बनने वाले नवीन भवनों में रूफटॉफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम रहे। उन्होंने कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक को निर्देश दिये कि स्वीकृत सभी फार्म पौण्ड रबी फसल की कटाई के तुरन्त पश्चात बनवाना सुनिश्चित करावे। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के उप निदेशक को निर्देश दिये कि सामूहिक फार्म पौण्ड योजना से जोडने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें तथा इसके साथ अन्य विभाग की योजनाओं का कनवर्जन भी करावे।
इस दौरान यूआईटी सचिव सुश्री धीगदे स्नेहल नाना, एडीएम द्वितीय श्री योगेश कुमार डागुर, जिला परिषद के सीईओ श्री आर.एस चौहान, नगर निगम आयुक्त श्री जितेन्द्र सिंह नरूका, वाटरशेड विभाग के अधीक्षण अभियन्ता श्री नरेन्द्र मोथू, मनरेगा के अधीक्षण अभियन्ता श्री नरेन्द्र लक्खीवाल, यूआईटी के अधीक्षण अभियन्ता श्री तैयब खान, सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियन्ता श्री संजय खत्री, रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक श्री परेश सक्सेना, सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा, डीईओ प्रारम्भिक श्री मनोज शर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।