जालोर । नेहरू युवा केंद्र जालोर एवं राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में एचआईवी एड्स विषय पर पियर एजुकेटर कार्यशाला का आयोजन जाट समाज सेवा संस्थान, धवला रोड, जालोर मे किया गया।
नेहरू युवा केन्द्र के उप निदेशक किशनलाल जाट ने कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी दी। जिला अस्पताल के परामर्शदाता डॉ. अमित श्रीमाली ने ने युवाओं को ’हम सब ने ठाना है, एड्स को भगाना है’ इस वाक्य को चरितार्थ करते हुए छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने एचआईवी एड्स के अंतर को स्पष्ट करते हुए इनकी बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एड्स एक भयावह बीमारी है, जिसका कोई इलाज नहीं है। समय रहते युवा एड्स के प्रति सजग नहीं हुए तो एड्स के रोगियों में निरंतर वृद्धि होती रहेगी।
कार्यक्रम में संदर्भ व्यक्ति गोपाल शर्मा ने कहा कि महिलाओं और युवाओं सहित कमजोर और उच्च जोखिम वाले समूहों को लक्षित करके सामान्य आबादी के बीच सुरक्षित व्यवहार परिवर्तन को लेकर प्रेरित किया जाना चाहिए। एचआईवी एड्स के प्रति सामाजिक मिथकों और भ्रांतियों को दूर करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है।
कार्यक्रम में सेवानिवृत नायाब तहसीलदार अर्जुन सिंह ने एड्स प्रभावित लोगों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार, समेकित परामर्श एवं परीक्षण केन्द्र, एचआईवी/एड्स के प्रति भ्रांतियों, यौन संक्रमित रोगों के उपचार, युवाआें के एचआईवी संक्रमित होने की अधिक आशंका, एंटी रेट्रोवायरल थैरेपी एवं रक्त आदान-प्रदान संबंधी सुरक्षा इत्यादि पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में पूर्व शारीरिक शिक्षक जयनारायण ने अपने विचार व्यक्त किए।
नेहरू युवा केन्द्र के युवा क्लब क्षमता संवर्धित होकर एचआईवी/एड्स संबंधी विषयों पर शिक्षा एवं परामर्श सुविधाएं एआरटी दवाओं को सभी तक पहुंचाने, कलंक एवं भेदभाव संबंधी मुद्दों को पहचानने में एचआईवी/एड्स प्रभावित लोगां की मदद करेंगे।
इस अवसर पर कार्यक्रम लेखा सहायक अमित सचदेवा, एनवाईवी दिनेश, अरविन्द, उत्तम कुमार, प्रकाश कुमार, विशाल व खसाराम सहित कई युवा उपस्थित रहे।