Punjab पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ​​और लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस की एक संयुक्त टीम ने विदेश में रहने वाले गैंगस्टर डोनी बाल से जुड़े दो कथित शूटर्स को आतम पार्क के पास एक भीड़-भाड़ वाले इलाके में मार गिराया। ये शूटर्स कथित तौर पर आतम नगर में एक ब्लड डोनेशन कैंप में गोलीबारी करने के इरादे से जा रहे थे। चूंकि यह मुठभेड़ एक व्यस्त इलाके में हुई, इसलिए कई लोगों ने गोलीबारी होते देखी। मारे गए लोगों की पहचान अमृतसर के सुल्तानविंड रोड के रहने वाले करनजोत सिंह (उर्फ नोना) और संदीप सिंह के तौर पर हुई। पुलिस ने उनके पास से तीन आधुनिक ऑटोमैटिक पिस्तौल और लगभग 50 जिंदा कारतूस बरामद किए। आरोपियों को कैंप वाली जगह से महज 250 मीटर की दूरी पर रोका गया था।
लुधियाना पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने बताया कि दोनों संदिग्ध मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी उन्हें रोका गया। पुलिसकर्मियों को देखते ही आरोपियों ने कथित तौर पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस गोलीबारी में दोनों संदिग्ध मारे गए। करीब 25 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें एक पुलिस वाहन पर भी गोलियां लगीं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास पूरी तरह से लोड किए गए आधुनिक 9mm ऑटोमैटिक हथियार थे।
शर्मा ने बताया कि ब्लड डोनेशन कैंप कांग्रेस नेता रवि ख्वाजके की याद में आयोजित किया जा रहा था, जिनकी 2016 में लुधियाना के गिल रिसॉर्ट में गैंगस्टर दविंदर बंबीहा और उसके साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में 2016 में बठिंडा में पुलिस मुठभेड़ में बंबीहा मारा गया था। उसकी मौत के बाद, माना जाता है कि यह गैंग डोनी बाल के नियंत्रण में आ गया, जो कथित तौर पर विदेश से इसे चला रहा है। कमिश्नर ने बताया कि दोनों शूटर्स पिछली रात लुधियाना पहुंचे थे और रविवार को कैंप को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। शुरुआती जांच से पता चला है कि मारे गए लोग डोनी बाल और शगनप्रीत के सीधे संपर्क में थे और उन्हें डुगरी रोड पर मैरीलैंड पैलेस में आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने का काम सौंपा गया था। हमले की योजना में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार कथित तौर पर डोनी बाल ने उपलब्ध कराए थे। शर्मा ने बताया कि करनजोत एक हिस्ट्री-शीटर ​​था, जिस पर आर्म्स एक्ट, डकैती और NDPS एक्ट के तहत दो आपराधिक मामले दर्ज थे। संदीप पर भी एक आपराधिक मामला दर्ज था।
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