कनाडा: कनाडा के एडमंटन स्थित नानकसर गुरुद्वारे में 21 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे एक व्यक्ति ने हमला कर दिया। इस घटना में दो लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। गुरुद्वारा परिसर में हुई इस घटना से श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल है। पुलिस आरोपी और हमले के कारणों की जांच कर रही है। वहीं, समुदाय के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। रिपोर्टों के अनुसार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ बेअदबी की सूचना है। पुलिस हमले के मकसद और परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रही है।
ग्लोबल न्यूज़ के अनुसार, सहगल ने कहा, "वह अंदर आया और हंगामा किया — हमारी सुबह की प्रार्थना में बाधा पड़ी और जो लोग प्रार्थना कर रहे थे, उन्होंने उस व्यक्ति को देखा। वह देखने से कोई विज़िटर (आगंतुक) नहीं लग रहा था।"
सहगल के मुताबिक, प्रार्थना कराने वालों ने शुरू में उस व्यक्ति से बात करने की कोशिश की, लेकिन उसने सहयोग नहीं किया।
उन्होंने कहा, "वह व्यक्ति किसी की बात नहीं सुन रहा था। इसलिए उन्होंने उसे काबू करने की कोशिश की। उसने भी उन्हें पीछे धकेलने की कोशिश की।"
"वे उसे काबू करने में सफल रहे और उसी समय पुलिस को बुलाया गया।"
इस हाथापाई के दौरान दो लोगों को चाकू मार दिया गया। सहगल ने बताया कि हमले के बाद दोनों पीड़ित होश में थे।
उन्होंने कहा, "मुझे जो आखिरी जानकारी मिली, उसके मुताबिक वे दोनों बात कर रहे थे।"
सुबह-सुबह हुई इस हिंसा के बावजूद, गुरुद्वारे में सुबह करीब 10:30 बजे शादी की रस्म संपन्न हुई।
सहगल ने कहा, "अच्छी बात यह रही कि कोई संपत्ति या शारीरिक नुकसान नहीं हुआ — खासकर हमारे सिख धर्मग्रंथों को, जो हमारे लिए बहुत पवित्र हैं।"
उन्होंने कहा कि कम्युनिटी के लोग जांचकर्ताओं द्वारा घटना के हालात का पता लगाने का इंतज़ार कर रहे हैं।
"पुलिस इसका पता लगाने में मदद करेगी — हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि क्या हुआ और क्यों हुआ।"
वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ कनाडा के प्रवक्ता हरमन कंडोला ने कहा कि चाकू मारने की इस घटना ने उस कार्यक्रम की खुशी को फीका कर दिया, जो असल में एक जश्न का मौका होना चाहिए था। कंडोला ने कहा, "यह एक खुशी का मौका होना चाहिए था, लेकिन हमें उन दो लोगों के बारे में बात करनी पड़ रही है जो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।" सिख अमेरिकन लीगल डिफेंस एंड एजुकेशन फंड ने कहा कि पूजा स्थल के अंदर हुई हिंसा बहुत परेशान करने वाली है और उन्होंने पीड़ितों तथा एडमोंटन के सिख समुदाय के साथ एकजुटता जताई।
संगठन ने कहा, "गुरुद्वारे के अंदर हमला होना बहुत चिंताजनक है। हमारे गुरुद्वारे पूजा, सेवा और समुदाय के केंद्र हैं; हमारी संगत को बिना किसी डर के सुरक्षित रूप से इकट्ठा होने का अधिकार होना चाहिए।" समूह ने अमेरिका के गुरुद्वारों से आग्रह किया कि वे आपातकालीन प्रक्रियाओं की समीक्षा करें, यह सुनिश्चित करें कि बाहर निकलने के रास्ते खुले रहें और स्थानीय कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखें। साथ ही, उन्होंने समुदाय के सदस्यों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने और केवल सत्यापित जानकारी ही फैलाने की सलाह दी।