पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सुखबीर बादल ने केंद्र के प्रस्ताव का किया समर्थन

Update: 2026-08-08 11:12 GMT

चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र सरकार की ओर से रखे गए लोकसभा सीटों में एकसमान वृद्धि के प्रस्ताव का समर्थन किया है। सुखबीर बादल ने शनिवार को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से पार्टी के रुख की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने भारत सरकार के उस प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें सभी राज्यों की सीटों में 50 प्रतिशत की एकसमान वृद्धि करने की बात कही गई है।

सुखबीर बादल ने इसके साथ ही महिला आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया को तत्काल लागू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए और इसके लिए महिला आरक्षण को बिना देरी लागू किया जाना चाहिए।

सभी राज्यों में 50 प्रतिशत सीट बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन

सुखबीर बादल के मुताबिक, शिरोमणि अकाली दल ने सदन में सभी राज्यों की सीटों में 50 प्रतिशत की समान वृद्धि करने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया है। पार्टी का मानना है कि सीटों की संख्या बढ़ने से संसद में प्रतिनिधित्व का दायरा व्यापक होगा और अधिक लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रतिनिधित्व मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि सीटों में वृद्धि सभी राज्यों के लिए एक समान आधार पर होनी चाहिए। इससे राज्यों के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

अकाली दल का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब देश में परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है। पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेताओं की बैठक में भी इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

महिला आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग

शिरोमणि अकाली दल ने शनिवार को चंडीगढ़ में वरिष्ठ नेताओं की बैठक आयोजित की। बैठक में देश में महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग उठाई गई। पार्टी ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

पार्टी की ओर से कहा गया कि महिला आरक्षण केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय नहीं है, बल्कि यह समानता और सामाजिक न्याय से भी जुड़ा हुआ है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से लोकतांत्रिक संस्थाओं में समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व मजबूत हो सकता है।

अकाली दल ने अपने रुख को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से भी जोड़ा। पार्टी के अनुसार, सिख गुरुओं ने महिलाओं की गरिमा, समानता और समान अधिकारों का समर्थन किया था। इसी विचारधारा से प्रेरणा लेते हुए पार्टी महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग कर रही है।

परिसीमन को लेकर भी पार्टी का रुख स्पष्ट

अकाली दल ने परिसीमन की प्रक्रिया को भी जल्द आगे बढ़ाने की मांग की है। परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं और प्रतिनिधित्व की व्यवस्था को व्यवस्थित करना है।

पार्टी का कहना है कि परिसीमन की प्रक्रिया में सभी राज्यों के हितों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संतुलन का ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी संदर्भ में सुखबीर बादल ने सभी राज्यों की सीटों में 50 प्रतिशत की समान वृद्धि वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है।

अकाली दल के इस रुख से यह स्पष्ट है कि पार्टी सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ महिला आरक्षण और परिसीमन दोनों मुद्दों को एक साथ आगे बढ़ाने के पक्ष में है।

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सामने आया रुख

सुखबीर बादल का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सामने आया है। मुलाकात के बाद उन्होंने केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर पार्टी की सहमति सार्वजनिक की। हालांकि, पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण और परिसीमन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

राजनीतिक दृष्टि से सुखबीर बादल का यह रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संसद में सीटों की संख्या बढ़ाने और परिसीमन से जुड़े मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में अकाली दल की ओर से केंद्र के प्रस्ताव का समर्थन किए जाने से इस विषय पर चर्चा और तेज हो सकती है।

सिख गुरुओं की शिक्षाओं का दिया हवाला

चंडीगढ़ में हुई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में अकाली दल ने महिला अधिकारों को लेकर अपनी वैचारिक स्थिति भी दोहराई। पार्टी ने कहा कि सिख गुरुओं की शिक्षाओं में महिलाओं को सम्मान, समानता और समान अधिकार देने की स्पष्ट भावना रही है।

अकाली दल का कहना है कि महिलाओं को राजनीतिक व्यवस्था में भी समान अवसर मिलना चाहिए। पार्टी ने महिला आरक्षण को इसी व्यापक विचारधारा का हिस्सा बताया है।

राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर जोर

सुखबीर बादल के बयान से यह संकेत मिलता है कि अकाली दल संसद में प्रतिनिधित्व बढ़ाने के प्रस्ताव को सकारात्मक रूप से देख रहा है। पार्टी का मानना है कि सभी राज्यों की सीटों में समान वृद्धि से संसद में प्रतिनिधित्व का विस्तार हो सकता है।

हालांकि, परिसीमन की प्रक्रिया के दौरान राज्यों के बीच संतुलन और प्रतिनिधित्व के मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहेंगे। ऐसे में आने वाले समय में इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चर्चा और बढ़ने की संभावना है।

अकाली दल ने रखा अपना पक्ष

शिरोमणि अकाली दल ने वरिष्ठ नेताओं की बैठक में केंद्र के प्रस्ताव, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया। सुखबीर बादल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस रुख को सार्वजनिक किया।

पार्टी ने जहां सभी राज्यों की सीटों में 50 प्रतिशत की एकसमान वृद्धि के प्रस्ताव का समर्थन किया है, वहीं महिला आरक्षण और परिसीमन को तत्काल लागू करने की मांग भी दोहराई है। अब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

अकाली दल का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्यापक प्रतिनिधित्व, महिलाओं की भागीदारी और राज्यों के बीच संतुलन को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना जरूरी है। ऐसे में सीटों की वृद्धि, परिसीमन और महिला आरक्षण आने वाले समय में राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दों में शामिल रह सकते हैं।

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