चंडीगढ़। डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ के मामले को लेकर पंजाब में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। संत समाज ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए पंजाब सरकार और प्रशासन को आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
धूणा साहिब ट्रस्ट की अगुआई में संत समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। संत समाज ने चेतावनी दी है कि अलग-अलग जिलों में धरना और प्रदर्शन किए जाएंगे।
घटना को बताया गंभीर
संत समाज के प्रतिनिधियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ की घटना को गंभीर मामला बताया। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं से समाज की भावनाएं आहत होती हैं और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग
संत समाज ने प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं में देरी से लोगों में असंतोष बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया तेज करनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
एक सप्ताह का दिया समय
धूणा साहिब ट्रस्ट के नेतृत्व में संत समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार और प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
संत समाज ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
निष्पक्ष जांच की मांग
प्रतिनिधियों ने कहा कि मामले की जांच किसी दबाव के बिना निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने और सच्चाई सामने लाने की मांग की।
उनका कहना है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का योगदान देश के लिए महत्वपूर्ण है और उनकी प्रतिमा के साथ किसी भी तरह की कथित छेड़छाड़ समाज के लिए चिंता का विषय है।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
मामले को लेकर अब प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजर है। पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से जांच की जा रही है।
ऐसे मामलों में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता होती है। प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई और जांच की स्थिति के बारे में जानकारी दिए जाने का इंतजार है।
सामाजिक संगठनों में नाराजगी
इस घटना को लेकर सामाजिक संगठनों और विभिन्न समूहों में नाराजगी देखने को मिल रही है। संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
प्रतिनिधियों ने अपील की कि लोग शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह से बचें।
आगे की रणनीति पर होगी चर्चा
संत समाज ने कहा है कि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन की कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
फिलहाल मामला प्रशासन और संत समाज के बीच बातचीत और कार्रवाई के स्तर पर है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।