सांसदों के फंड इस्तेमाल पर रिपोर्ट, हरियाणा के केंद्रीय मंत्री निचले तीन में
Haryana हरियाणा के 10 लोकसभा सांसदों की लिस्ट में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री मनोहर लाल खट्टर सबसे नीचे हैं, जबकि राव इंद्रजीत सिंह और कृष्ण पाल गुर्जर फंड के इस्तेमाल के प्रतिशत के मामले में क्रमशः नौवें और आठवें स्थान पर हैं। ये सांसद अपने कार्यकाल के तीसरे साल में हैं। केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के डैशबोर्ड पर मौजूद डेटा के अनुसार, हिसार से कांग्रेस सांसद जय प्रकाश - जो चार बार सांसद रह चुके हैं - राज्य के सांसदों में फंड के इस्तेमाल में सबसे आगे हैं। उन्होंने 14.64 करोड़ रुपये की सिफारिशों के साथ 99.56% फंड का इस्तेमाल किया है।
इसके उलट, करनाल से सांसद खट्टर 20.76% इस्तेमाल के साथ सबसे नीचे हैं। 10 में से नौ सांसदों को 14.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि अंबाला के सांसद को 25.55 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सांसद अलग-अलग विकास कार्यों और प्रोजेक्ट्स के लिए फंड की सिफारिश करते हैं, जबकि स्थानीय अधिकारी और लागू करने वाली एजेंसियां इन कामों को पूरा करने के लिए जिम्मेदार होती हैं। खट्टर ने इतने ही आवंटन के मुकाबले केवल 3.05 करोड़ रुपये के कामों की सिफारिश की है, जिससे वे सबसे नीचे हैं। गुरुग्राम का प्रतिनिधित्व करने वाले और छह बार सांसद रहे राव इंद्रजीत, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन तथा योजना और संस्कृति मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री हैं। वे 32.60% इस्तेमाल प्रतिशत के साथ नीचे से नौवें स्थान पर हैं, क्योंकि उन्होंने 14.70 करोड़ रुपये में से 4.79 करोड़ रुपये के कामों की सिफारिश की है।
सहकारिता मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे गुर्जर ने अपने आवंटित कोटे का केवल 46.18% इस्तेमाल किया है। करनाल में खट्टर के प्रतिनिधि कविंदर राणा ने इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए 'द ट्रिब्यून' को बताया कि करनाल जिले में 4.22 करोड़ रुपये के 53 कामों की व्यवहार्यता (feasibility) की भी जांच की गई है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। राव इंद्रजीत के प्रतिनिधि प्रशांत पंचाल ने बताया कि उन्होंने हाल ही में लगभग 4 करोड़ रुपये के कामों की सिफारिश की है और अपनी घोषणाओं के मुताबिक कुछ कामों के लिए 3 करोड़ रुपये अलग रखे हैं।
खास बात यह है कि सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से पहली बार सांसद बने सतपाल ब्रह्मचारी 88.31% इस्तेमाल के साथ दूसरे स्थान पर हैं। कांग्रेस के दो अन्य सांसद — चार बार लोकसभा सांसद रहे दीपेंद्र हुड्डा और पांच बार सांसद रहीं कुमारी शैलजा — का इस्तेमाल प्रतिशत क्रमशः 82.28% और 71.20% है। भिवानी-महेंद्रगढ़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन बार के सांसद धर्मबीर सिंह 9.25 करोड़ रुपये के कामों की सिफारिश के साथ पांचवें स्थान पर हैं, जो आवंटित राशि का 62.93 प्रतिशत है। कुरुक्षेत्र से भाजपा के एक अन्य सांसद नवीन जिंदल का इस्तेमाल प्रतिशत 56.38% है, जिसमें उन्होंने 8.29 करोड़ रुपये के कामों की सिफारिश की है। अंबाला से कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने 25.55 करोड़ रुपये के काफी बड़े आवंटन के मुकाबले 12.59 करोड़ रुपये के कामों की सिफारिश की है। उनका इस्तेमाल प्रतिशत 49.28 है।