Punjab.पंजाब: पंजाब में इस साल पैदा हुए लगभग 60 लाख टन बासमती चावल की सप्लाई बंदरगाहों पर रुक गई है, जिससे किसानों और व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। सांसद विक्रमजीत सिंह ने इस मुद्दे को लंबित से समुचित हुए कहा कि इस स्थिति से किसानों की आय और राज्य की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। सांसद ने कहा कि पंजाब के किसान मेहनत और निवेश के बाद भी अपने उत्पाद को समय पर बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक हालत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने केंद्रीय और राज्य सरकार से जल्द ही चावल की निकासी और निर्यात में मदद करने की मांग की।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे को समय पर हल नहीं किया गया, तो न केवल किसानों की स्थिति बिगड़ेगी, बल्कि भारत के बासमती चावल के निर्यात और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई श्रृंखला पर भी असर पड़ेगा। सांसद ने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे और सरकार से ठोस कदम उठाने की उम्मीद करते हैं। किसानों और व्यापारियों ने भी बताया कि बंदरगाहों पर स्टोर किए गए चावल के कारण गोदामों में जगह की कमी हो गई है और भविष्य की फसल के लिए तैयारी प्रभावित हो रही है। चुकंदर का आटा है कि इस समस्या का समाधान तुरंत न किया गया तो बासमती चावल के निर्यात में नुकसान होने की संभावना है।