Punjab.पंजाब: संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की श्रीगंगानगर इकाई ने पंजाब सरकार की उस मांग का विरोध किया है, जिसमें भागीदार राज्यों के बीच नदी जल बंटवारे को लेकर 1981 में हुए बीबीएमबी समझौते में संशोधन करने की मांग की गई है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने हाल ही में कहा था कि समझौते के तहत भागीदार राज्यों को आवंटित पानी नदियों में उपलब्ध वास्तविक पानी से कहीं अधिक है। इसलिए जल बंटवारे को लेकर नया समझौता होना चाहिए। एसकेएम के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुभाष सहगल के नेतृत्व में श्रीगंगानगर की अतिरिक्त जिला कलेक्टर रीना छिम्पा से मुलाकात की।
सहगल ने कहा कि पंजाब ने बीबीएमबी के फैसलों को मानने से इनकार कर दिया है, साथ ही 1981 के समझौते में संशोधन की मांग की है। यह कदम राजस्थान, खासकर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों के हित में नहीं है। उन्होंने किसानों से राजस्थान के जल हिस्से में कटौती के किसी भी कदम के खिलाफ आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की। किसान सेना के संयोजक मनिंदर सिंह मान ने कहा कि फिरोजपुर में गंग नहर के पानी पर पंजाब के नियंत्रण से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। अगर समय पर बुआई नहीं हुई तो किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। किसान सभा के जिला महासचिव गुरचरण सिंह ने कहा कि फिरोजपुर हेडवर्क्स से पाकिस्तान को जाने वाला पानी तुरंत रोका जाना चाहिए।