Punjab.पंजाब: राज्य में हाल ही में आए तेज आंधी और तूफान के चलते पंजाब पावरकॉम को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कंपनी ने अनुमान लगाया है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण उसे लगभग 8 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। नुकसान मुख्य रूप से टूटे हुए बिजली पोल, क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर और बिजली आपूर्ति में व्यवधान के कारण हुआ।
सूत्रों के अनुसार, तूफान के दौरान कई जिलों में तेज हवाओं और झमाझम बारिश ने बिजली आपूर्ति नेटवर्क को बुरी तरह प्रभावित किया। कई क्षेत्रों में बिजली की लाइनों के टूटने से हजारों घरों और व्यवसायों में बिजली गुल हो गई। पंजाब पावरकॉम के अधिकारियों ने बताया कि बिजली बहाल करने की कोशिशें तुरंत शुरू कर दी गई थीं, लेकिन व्यापक क्षति के कारण इसे सामान्य करने में कई दिन लग सकते हैं।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “हमारी प्राथमिकता हमेशा जनता को बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस आपदा में हमारे तकनीकी कर्मचारियों ने कठिन परिस्थितियों में काम करके कई क्षेत्रों में बिजली बहाल करने में सफलता पाई। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा के चलते हमें आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसे लगभग 8 करोड़ रुपये आंका गया है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम परिवर्तन और बढ़ती तीव्रताओं के चलते बिजली आपूर्ति कंपनियों के लिए यह चुनौती लगातार बढ़ रही है। आंधी-तूफान जैसी घटनाओं से पहले से ही कमजोर पड़ी हुई बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचता है और बहाली में समय और संसाधन अधिक लगते हैं।
पंजाब पावरकॉम ने प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सुधार और मरम्मत कार्यों के लिए अतिरिक्त कर्मियों और मशीनरी को लगाया है। अधिकारियों ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले 48 घंटे में अधिकतर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करना है। इसके साथ ही कंपनी ने जनता से सहयोग की अपील की है और उन्हें बिजली टूटने या आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की सलाह दी है।
राज्य के बिजली विभाग ने भी यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि भविष्य में ऐसे आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। विभाग ने कंपनियों से यह अपेक्षा जताई है कि वे आपदा प्रबंधन योजना को और अधिक प्रभावी बनाएं और बिजली नेटवर्क को और मजबूत करें।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि बिजली आपूर्ति कंपनियों को अपने नेटवर्क की नियमित जाँच और सुदृढ़ीकरण पर अधिक ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला नुकसान कम किया जा सके।